लोक सेवा केंद्र की आड़ में चल रहे फर्जी मैट्रिमोनियल रैकेट का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड सहित पूरी टीम धरी गई
रायगढ़ (गौरी शंकर गुप्ता) | छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में साइबर ठगों के एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है जो शादी के नाम पर लोगों की भावनाओं और जेब के साथ खिलवाड़ कर रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस ने एक संगठित गिरोह को दबोचा है, जो लोक सेवा केंद्र की आड़ में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट चला रहा था।
दरोगापारा में चल रहा था ठगी का ‘हेड ऑफिस’

पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के दरोगापारा स्थित ‘निधि परिवहन केंद्र’ में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। इस पर एडिशनल एसपी अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, साइबर प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और महिला थाना की संयुक्त टीम ने अचानक दबिश दी। जांच में पता चला कि केंद्र का संचालक कपिल गर्ग, जिसकी आरटीओ संबंधी आईडी एक महीने पहले ही निरस्त हो चुकी थी, वहां “इंडिया मैट्रिमोनी” नाम से एक फर्जी प्लेटफॉर्म चला रहा था।

यूट्यूब और युवतियों का जाल
ठगी का तरीका बेहद शातिर था। मास्टरमाइंड कपिल गर्ग ने दर्जनों युवतियों की एक टीम बना रखी थी। ये युवतियां:
- फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबरों के जरिए यूट्यूब चैनल चलाती थीं।
- इन चैनलों पर सुंदर युवतियों के फेक फोटो और वीडियो डालकर संपर्क नंबर साझा किए जाते थे।
- जब कोई व्यक्ति शादी के प्रस्ताव के लिए कॉल करता, तो पहले उसका बायोडाटा लिया जाता और फिर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर यूपीआई से पैसे वसूले जाते थे।
- इसके बाद ‘मीटिंग आईडी’ जनरेट करने और बात कराने के नाम पर दोबारा क्यूआर कोड भेजकर ठगी की जाती थी।
- अंत में, यह कहकर संपर्क तोड़ दिया जाता था कि “लड़की को रिश्ता पसंद नहीं आया।”
दस्तावेजों में हेराफेरी और फर्जी मुहरें बरामद
कपिल गर्ग से पूछताछ के बाद पुलिस ने दरोगापारा स्थित ही ‘श्रीमती शांति देवी सोसायटी ऑफ एजुकेशन’ पर भी छापा मारा। यहां की संचालिका हिमांशु मेहर ने कबूल किया कि वह पिछले 3 साल से कपिल के साथ मिलकर इस काम में संलिप्त थी। पुलिस ने मौके से:
- लैपटॉप (जिसमें फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों से छेड़छाड़ की जाती थी)
- विभिन्न शासकीय विभागों की सील-मुहर (स्टैम्प)
- महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
एसएसपी की सख्त चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आम जनता के लिए कड़ा संदेश जारी किया है:
“ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जीवनसाथी तलाशते समय बेहद सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल प्रोफाइल या सोशल मीडिया विज्ञापन के झांसे में आकर भुगतान न करें। रायगढ़ पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।”
वर्तमान में पुलिस संचालकों और काम करने वाली युवतियों से पूछताछ कर रही है, जिससे इस रैकेट के नेटवर्क और ठगी की कुल रकम का खुलासा होने की उम्मीद है।
