April 26, 2026

रायगढ़ पुलिस की ‘मिशन क्लीन’ : एनडीपीएस एक्ट की बारीकियों पर कार्यशाला, एसएसपी ने दिया त्रुटिरहित विवेचना का मंत्र

0
57

रायगढ़ (गौरी शंकर गुप्ता) | नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्यायालय में अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिला पुलिस कार्यालय में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के प्रावधानों और कानूनी प्रक्रियाओं पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।



विशेषज्ञों ने सिखाए कानूनी दांव-पेच

इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में अपर लोक अभियोजक श्री तन्मय बनर्जी उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत:

  • जप्ती और तलाशी की सही वैधानिक प्रक्रिया।
  • गिरफ्तारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां।
  • चेन ऑफ कस्टडी को मजबूत बनाए रखने के तरीके।

जैसे जटिल विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया कि कैसे एक छोटी सी प्रक्रियात्मक चूक आरोपी को लाभ पहुंचा सकती है।

लाइव प्रेजेंटेशन और व्यावहारिक अनुभव

कार्यशाला को प्रभावी बनाने के लिए पिछले माह हुई अफीम जप्ती की कार्रवाइयों पर विशेष प्रेजेंटेशन दिया गया।

  • थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव और थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने अपने-अपने क्षेत्रों में की गई अफीम जप्ती की कार्रवाई के फुटेज और विवरण साझा किए।
  • डीएसपी और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के प्रभारी श्री सुशांतो बनर्जी ने अपने अनुभवों के आधार पर विवेचकों को जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में बताया।

“सजा दिलाना ही मुख्य उद्देश्य” — एसएसपी शशि मोहन सिंह

सत्र को संबोधित करते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस का काम केवल एफआईआर दर्ज करना या जप्ती करना नहीं है, बल्कि मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा दिलाना है। उन्होंने कहा:

“एनडीपीएस मामलों में विवेचना की शुद्धता ही न्यायालय में सशक्त पैरवी का आधार है। प्रत्येक विवेचक को विधिक प्रक्रियाओं का गहरा ज्ञान होना चाहिए ताकि अपराधी कानून की पकड़ से बच न सकें।”

एसएसपी ने आगे बताया कि भविष्य में पॉक्सो एक्ट (POCSO) और साइबर अपराधों पर भी इसी तरह की प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी ताकि पुलिस बल हर मोर्चे पर तकनीकी और कानूनी रूप से सक्षम रहे।

ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जुड़े अधिकारी

इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, निरीक्षक, उप निरीक्षक और एएसआई स्तर के विवेचक शामिल हुए। जो अधिकारी मुख्यालय नहीं पहुंच सके, वे वर्चुअल माध्यम से इस सत्र का हिस्सा बने। कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता श्री तन्मय बनर्जी को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *