‘ऑपरेशन आघात’: तीन दिनों में गांजा तस्करों के तीन गिरोहों का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ | वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत रायगढ़ पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पिछले तीन दिनों में साइबर सेल, चक्रधरनगर और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीमों ने बैक-टू-बैक कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के तीन अलग-अलग मामलों का खुलासा किया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने करीब 7 किलो गांजा, 2 मोटरसाइकिलें, मोबाइल और नकदी जब्त करते हुए कुल 4 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्रमवार बड़ी कार्रवाइयां
अभियान की शुरुआत 07 अप्रैल को हुई, जब चक्रधरनगर पुलिस ने विजयपुर मरघट्टीपारा में दबिश देकर अमित एक्का को गिरफ्तार किया। आरोपी अपने घर में तखत के नीचे गांजा छिपाकर बेच रहा था, जिसके पास से 1.300 किलो गांजा और ₹12,500 नकद बरामद हुए।
इसके अगले ही दिन 08 अप्रैल को साइबर और चक्रधरनगर पुलिस ने संयुक्त रूप से गोवर्धनपुर के पास घेराबंदी कर बिहार निवासी राजू कुमार सिंह और रीशन कुमार सिंह को पकड़ा। ये दोनों अपनी सुपर स्प्लेंडर बाइक से 2 किलो से अधिक गांजा लेकर जा रहे थे।
कार्रवाई का सिलसिला 09 अप्रैल को भी जारी रहा, जब घरघोड़ा पुलिस ने लैलूंगा रोड पर नाकेबंदी कर हीरो एचएफ डिलक्स सवार विजय सिदार और शिवव्रत सिदार को दबोचा। इनके पास से सर्वाधिक 3.500 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब ₹1.75 लाख आंकी गई है।


इन अधिकारियों और जवानों की रही मुख्य भूमिका
इस सफल मिशन को अंजाम देने में थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, चक्रधरनगर प्रभारी राकेश मिश्रा और घरघोड़ा प्रभारी कुमार गौरव साहू का नेतृत्व सराहनीय रहा। टीम में सहायक उप निरीक्षक आशिक रात्रे, भागीरथी चौधरी, नंदकुमार सारथी सहित प्रधान आरक्षक श्रीराम साहू, पारसमणी बेहरा, विक्रम सिंह चौरसिया और आरक्षक चन्द्रकुमार बंजारे, विकम सिंह, सुशील मिंज, जयसिंह सिदार, उधोराम पटेल, भानुप्रताप चंद्रा एवं धरेन्द्र गोंड ने सूचना तंत्र को मजबूत कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की।
एसएसपी की चेतावनी: “बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी”
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि रायगढ़ जिला पुलिस नशे के अवैध कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे नशामुक्त समाज बनाने के लिए पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल साझा करें।
