
ओडिशा बरम्मा राजा प्रिय विक्रम अध्यक्ष निर्वाचित
रायपुर। देश के ऐतिहासिक शिक्षण संस्थानों में शुमार छत्तीसगढ़ के राजकुमार कॉलेज में जनरल काउंसिल और मेनेजिंग कमेटी का चुनाव सूर्यास्त के बाद संपन्न किया गया। मेनेजिंग कमेटी के चेयरमेन सरगुजा महाराज और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव निर्विरोध चेयरमेन बने। जबकि जनरल काउंसिल इलेक्शन में ओडिशा बरम्मा महाराज प्रिय विक्रम और ओडिशा के ही मयूरभंज स्टेट के राजा प्रवीर चंद्र भंजदेव के बीच अध्यक्ष पद के लिए कांटे की टक्कर हुई। इसमें ओडिशा बरम्मा महाराज प्रियविक्रम को 15 तो राजा मयूरभंज प्रवीर चंद्र को 12 वोट मिले इस तरह राजकुमार कॉलेज के नए अध्यक्ष प्रिय विक्रम निर्वाचित हुए।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा राजपरिवार के अनुदान से स्थापित ऐतिहासिक राजकुमार कॉलेज की प्रबंधन समिति में भी राजे-रजवाड़ों के वंशज ही चुनकर आते हैं। करीब 3 से 4 वर्षों में होने वाले इन दो चुनाव में आमतौर पर जनरल काउंसिल और मेनेजिंग कमेटी के अध्यक्ष और चेयरमेन को चुना जाता है।
राजाओं ने तोड़ दी चुनावी परंपरा
राजकुमार कॉलेज की दोनों ही कमेटियों के चुनाव आमतौर पर परंपरा के मुताबिक सूर्यास्त के पूर्व किया जाता रहा है। यानि कि इस चुनाव से पूर्व जनरल काउंसिल प्रेसिडेंट हो या फिर मेनेजिंग कमेटी चेयरमेन का चुनाव सुबह से लेकर गोधूलि बेला तक होता था। औसतन सूर्यास्त के पहले इसे संपन्न करवाया जाता था लेकिन इस बार रविवार को देर शाम सूर्यास्त के बाद प्रक्रिया पूर्ण की गई। परंपरा के यूं तोड़े जाने की खासी चर्चा रही।
ऐसे होता है चेयरमेन-प्रेसिडेंट चुनाव
राजकुमार कॉलेज की जमीन तो सरकारी है और लीज पर है। लेकिन इनमे कॉलेज बिल्डिंग, गेस्ट हॉउस, हॉस्टल, क्लॉक टावर से लेकर अन्य सभी भवन निर्माण कार्य में ओडिशा, छत्तीसगढ़ के राजपरिवार के योगदान से बनाया गया है। इन्हीं राजपरिवार के वंशज दोनों कमेटियों के पदाधिकारी और वोटिंग पावर रखते हैं। प्राय: आपसी समझौते के तहत एक कार्यकाल ओडिशा का अध्यक्ष तो छत्तीसगढ़ राजपरिवार का सदस्य चेयरमेन मेनेजिंग कमेटी बनता है।



