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महीना भर नहीं हुआ और फटने लगे केनाल पर हो रहा मरम्मत , निर्माण कार्य के गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल


आनन फानन में कराया जा रहा रिपेयरिंग का कार्य

घरघोड़ा(गौरी शंकर गुप्ता)। रायगढ़ जिले के लैलूंगा जल संसाधन विभाग लंबे समय से एक सुर्खिया बटोर रहा है और सुर्खिया क्या है आप भी देखिए दरअसल जल संसाधन विभाग के अंतर्गत लैलूंगा क्षेत्र के छोटे,बड़े नहरों में सीसी लाइनिंग (यानी ) कांक्रीट का कार्य किया जा रहा है कराना भी चाहिए क्योंकि नहर पूरी तरह खस्ताहाल हो गया है सालों से साफ सफाई सहित मरम्मत कार्य कुछ भी नहीं हुआ भले ही कागजों पर हर साल कार्य किए होंगे अब इस निर्माण कार्य को लेकर किसानों सहित निर्माण की गुणवत्ता को देखने वाले ग्रामीण भी चर्चा करने लगे है कि कार्य तो पूरी तरह घटिया हो रहा है जो कि साल भर भी नहीं टिक पाएगा क्योंकि इस निर्माण कार्य को लेकर किसान ही ज्यादा चिंतित है चूंकि नहरों का पानी उनके खेतों में जाना है उसी उनकी खेती होगी किसानों ने पहले भी दर्जनों बार विभाग को आवेदन,निवेदन किया था कि गर्मी में पानी चाहिए नहरों की सफाई करवा दो पर विभाग में बैठे अधिकारी इंजीनियर ने किसानों की एक भी नहीं सुनी अब किसानों को गर्मी में निर्माण कार्य कराया जाएगा इसलिए पानी नहीं दिया गए किसान और हताश हो गए पर मन में एक खुशी थी कि चलो नहर में कांक्रीट कार्य होगा तो कम से कम पानी का रिसाव नहीं होगा बार किसानों को नहर फटने पर खुद से मेहनत करके बांध कर पानी अपने खेती के लिए पहुंचाने का काम करते थे परंतु जब कार्य की गुणवत्ता को देखे तो इनके खुशी पर पानी फिर गया जिसके बाद मीडिया के सामने अपनी बात रखी और मीडिया कार्यों का जायजा लिया तो हकीकत वहीं हुई जो किसानों ने बताया इसके बाद विभाग से इस संबंध में बात किया गया परंतु अधिकारी बात करने के लिए तैयार नहीं है इस मामले को हमने टीवी चैनल सहित स्थानीय अखबरों के माध्यम से शासन प्रशासन को समस्याओं को दिखाने का प्रयास किया लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस समस्या की ओर नहीं गया अब निर्माणधीन नहर में कार्य चल ही रहा है कि किसानों का फिर फोन आया और जानकारी दिया गया कि नहर में हो रहे निर्माण फटने लगा है जो सीसी लाइनिंग कांक्रीट निर्माण है उसमें जगह जगह दरारें आने लगे है मौके पर जाकर देखने से सही पाया गया जहां कुछ लेबर मिस्त्री द्वारा सीमेंट का परत लगाकर रिपेयरिंग किया जा रहा था मौके पर उपस्थित पेटी कांट्रेक्टर दयादास से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस कार्य में तीन इंच का ढलाई हो रहा है कही साढ़े तीन इंच का ढलाई किया जा रहा है जहां लूज मिट्टी रहेगा वहां ऐसे दरारें आएंगे ही उसको ठेकदार पांच साल तक बना कर देगा। ये तो हो गई पेटी कांट्रेक्टर की बात अब सवाल यह है कि तीन इंच की ढलाई हो रही है तो नहरों में ढलाई से पहले बेस का काम किया जाता है जिसमें केवल मिट्टी डाला गया है जिसके कारण नहरों में क्रैक आने लगा है विभाग द्वारा निर्माण कार्य की स्टीमेट तो दिखाएंगे नहीं क्योंकि पूरा खुलासा स्टीमेट से ही होगा कि निर्माण में क्या माप दंड है और किस माप दंड के अनुसार कार्य किया जा रहा है।

क्षेत्रीय विधायक विद्यावती सिदार ने विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद कार्यों का निरीक्षण करने की बात कही थी पर अभी तक नहीं पहुंचे निरीक्षण करने

ज्ञात हो कि इस मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक विद्यावती सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि इस निर्माण के संबंध में मुझे कुछ जानकारी नहीं है मै विधानसभा सत्र खत्म होते ही निर्माण कार्य का निरीक्षण करूंगी और घटिया निर्माण कार्य को करने वाले पर उचित कार्यवाही कराने की बात कही थी परंतु आज पर्यन्त विधायक विद्यावती सिंह ने इस निर्माण कार्य का निरीक्षण नहीं किया ना विभाग को निर्माण कार्य में सुधार लाने कोई दिशा निर्देश जारी किया गया जबकि कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नागेंद्र नेगी भी इस बात कहा है कि स्थानीय पदाधिरियों की पांच सदस्य टिम बनाकर जांच कराया जाएगा जिसके आगे की कार्यवाही कराएंगे पर यही अभी तक न टिम बनी ना ही कोई जांच करने पहुंचा आखिर कार जिम्मेदार इस निर्माण कार्य पर चुपी कियू साधे है समझ से परे है कही ठेकदारों के आगे शासन प्रशासन सहित जन प्रतिनिधि घुटने टेकने को मजबूर तो नहीं है इस मामले पर न ही प्रशासन सजग है न ही शासन और तो और विपक्ष पार्टी के नेताओं का सजगता दिखाई नहीं दे रही है कही न कही इस करोड़ो के निर्माण में सभी जिम्मेदारों की भूमिका संदेहास्पद तो नहीं है किसानों के हितैषी बता कर भाजपा ,कांग्रेस दोनों दल के नेता किसानों के हक लिए आगे कैसे सामने नहीं आ रहे है क्या ठेकदार काफी जायदा रसूख है या सत्ता के सामने सब फीका पड़ गए है हालांकि भाजपा के सरकार में प्रशासन के कार्य प्रणाली पर सवाल तो उठने लगे है। समय रहते शासन , प्रशासन इस निर्माण कार्यों पर कसावट लाया जाए तो कार्य गुणवत्ता पर सुधार हो सकता है खैर देखने वाली बात यह है क्या सरकार के नुमाइंदे मामले को लेकर क्या कार्यवाही करते है देखने वाली बात होगी।

श्रवण भगत जामबहर

निर्माणधीन नहर में क्रैक हो गया है मिस्त्री लगाकर रिपेयरिंग किया जा रहा है नहर बहुत घटिया बन रहा है जहां क्रैक हुआ है वहां मेरा खेत है ।

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