लोह अस्क की चोरी का खेल बदस्तूर जारी, अवैध कबाड़ी के काले सम्राज्य से लाल होता घरघोड़ा अंचल
घरघोड़ा ( गौरीशंकर गुप्ता )। कबाड़ किंग्स लाल आतंक के साये में आमजन को अपने लोहे के समानों की चिंता सता रही है क्योंकि सत्ता पक्ष तथाकथित नेता कबाड़ किंग्स पैसों के दम पर लाल आंखे दिखा कर खुलेआम काम कर रहा है घरघोड़ा क्षेत्र मे कबाड़ी चोरी का कार्य वर्षो से हो रही है खदान उद्योगीकरण के बाद से घरघोड़ा में रहकर कबाड़ी धंधे का लाल बादशाह अपनी अवैध कमाई से बेहिसाब संपत्ति का मालिक बन बैठा है आदिवासी भूमि पर दुसरे के नाम पर कब्जा कर मकान दुकान जैसे अवैध निर्माण की बात सामने आते रहती है। घरघोड़ा क्षेत्र के आसपास ग्रामीण इलाकों में लाल बादशाह का नेटवर्किंग मजबूत होने से भारी मात्रा में कबाड़ी का सामान घरघोड़ा शहर के अंदर खरीद बिक्री हो रही अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए बाहर से फेरीवाले कबाड़ खरीदने वालों का घरघोड़ा व आसपास के गांव में बसाया गया है, जो आमूमन उत्तरप्रदेश बिहार झारखंड महाराष्ट्र उड़िसा का होना बताया जाता है फिर भी इनका वास्तविक पहचान क्या है यह जांच का विषय है फ़र्जी आधार कार्ड वोटर कार्ड आज कहीं भी बन जाता है, अधिकांश मामलों में यह देखा गया है, ऐसे लोग अपराधिक पृष्ठ भूमि के होते है जो अपनी पहचान छुपा कर ऐसे कार्यों में संलग्न रहते है, पुलिस द्वारा समय समय पर इनकी जांच होती रहती है फिर भी इनके आकाओं की चालबाजी के कारण कार्रवाई बच जाते है? कबाड़ के अवैध धंधे में कमाई बेशुमार है इस लालच मैं धीरे धीरे और भी लोग इस धंधे में अपनी किस्मत आजमा रहे है इस कारण आसपास के क्षेत्र में लोहे के सामान छड़ भवन निर्माण सामग्रियों की चोरियां बढ़ गई है, रेल पटरी पर लगातार चोरी ने पुलिस के नाक में दम कर रखा है छोटे छोटे नाबालिग भी कबाड़ी चोरी के इस गोरख धंधे की ओर आकर्षित होते जा रहा है बिना मेहनत के पैसे से नशा की ओर कदम बढ़ रहे है। घरघोड़ा जैसे आदिवासी शांत जगह में कबाड़ के कारोबार में अपराधिक गतिविधि जोर पकड़ रही है लगातार चोरी होना प्रत्यक्ष प्रमाण है साथ में सैकड़ो असमाजिक तत्वों का बाहर से आकर यहां बसना किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सकता है समय रहते इन पर कड़ी कार्रवाई करना आवश्यक है व ऐसे कबाड़ के धंधे में अवैध सम्राज्य चलाने वालों पर कड़ाई से कार्रवाई किया जाना भविष्य के कानून के लिए व्यवस्था जरूरी है। उल्लेखनीय हैं कि उक्त कबाड़ी द्वारा बंगाल प्रांत से अपने कई गुर्गों को घरघोड़ा में लाकर बसाया गया था। इसकी जानकारी पुलिस को होने पर कबाड़ी के सभी गुर्गों को चेतावनी देते हुए वापस बंगाल खदेड़ दिया गया था । किंतु कुछ दिनों पश्चात कबाड़ी द्वारा उन्हीं गुर्गों को यह लाकर फिर से यह बसा दिया गया है जो गांव गांव में घूम कर लोहे लंगड़ का समान खरीद कर अपनी कबाड़ी के पास खपा रहा है।पुलिस द्वारा जब इनपर शक्ति की गई थी इसका बावजूद पुलिस के नाक के नीचे आपने काम को मनमाने ओर बेधड़क अंजाम देकर एक तरह से पुलिस को चुनौती दे रहे है।
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