June 9, 2026

10 मिनट में 200 सवाल हल कर रिद्धांशी साहू बनी अबेकस चैंपियन, राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में हासिल की बड़ी सफलता

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10 मिनट में 200 सवाल हल कर रिद्धांशी साहू बनी अबेकस चैंपियन, राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में हासिल की बड़ी सफलता

घरघोड़ा/रायगढ़ (गौरी शंकर गुप्ता)। शिवरीनारायण-राहौद की 9 वर्षीय प्रतिभाशाली छात्रा रिद्धांशी साहू ने अपनी अद्भुत मानसिक गणना क्षमता का प्रदर्शन करते हुए राज्यस्तरीय अबेकस प्रतियोगिता में शानदार सफलता हासिल की है। कक्षा तीसरी में अध्ययनरत रिद्धांशी ने लिस्निंग प्रतियोगिता में फर्स्ट रनर-अप तथा विजुअल प्रतियोगिता में चैंपियन बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।



रायगढ़ के अग्रोहा धाम में आयोजित राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में रिद्धांशी ने मात्र 10 मिनट में गणित के 200 प्रश्न हल कर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया। उसकी तेज गति और सटीक उत्तरों ने सभी को प्रभावित किया।

रिद्धांशी ने जांजगीर की अबेकस प्रशिक्षक रेणुका शर्मा के मार्गदर्शन में ऑनलाइन अबेकस क्लास ज्वाइन की थी। लगातार अभ्यास और प्रशिक्षण के बल पर उसने यह मुकाम हासिल किया। रेणुका शर्मा ने बताया, “अबेकस प्रशिक्षण 6 से 13 वर्ष तक के बच्चों के लिए बेहद उपयोगी है। इसमें सप्ताह में दो दिन ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाती हैं। 9 चरणों में बच्चों को मैथ्स, ब्रेन डेवलपमेंट, फ्लैश कार्ड एक्टिविटी तथा लिस्निंग-राइटिंग स्किल्स का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे बच्चों का गणित का डर खत्म होता है और उनकी एकाग्रता, स्मरण शक्ति तथा सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।”

रिद्धांशी के पिता विश्वा साहू ने खुशी जताते हुए कहा, “शुरुआत में हमारी बेटी गणित में एक सामान्य छात्रा थी, लेकिन अबेकस प्रशिक्षण और नियमित अभ्यास के बाद आज वह कठिन से कठिन सवाल भी बहुत तेजी से हल कर लेती है। उसकी इस उपलब्धि पर हमें गर्व है।”

वहीं माता रिंकी साहू ने कहा, “रिद्धांशी की मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि उसने राज्यस्तर पर यह उपलब्धि हासिल की है। अब उसके लिए गणित एक खेल की तरह हो गया है। हम चाहते हैं कि वह आगे भी इसी तरह सफलता हासिल करती रहे।”

रिद्धांशी की इस शानदार उपलब्धि से शिवरीनारायण-राहौद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इस नन्हीं प्रतिभा की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। रिद्धांशी की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर छोटी उम्र में भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।

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