धर्म एवं मानवता के रक्षक गुरु तेग बहादुर जी का प्रकाश पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया
अन्याय के विरुद्ध निडर होकर खड़े होना ही गुरु जी की सच्ची सीख: अजीत सिंह भोगल

रायपुर/घरघोड़ा (गौरी शंकर गुप्ता)। श्री गुरु तेग बहादुर उच्चतर माध्यमिक शाला में सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी की जयंती (प्रकाश पर्व) अत्यंत हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर विद्यालय परिसर गुरु जी के जयकारों और उनकी शिक्षाओं से गुंजायमान रहा।
पाठ एवं अरदास से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों द्वारा गुरु जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात ज्ञानी सरवन सिंह जी ने पवित्र पाठ किया और सामूहिक अरदास के माध्यम से सर्वत के भले की कामना की।
गुरु जी के सिद्धांतों पर डाला गया प्रकाश
शिक्षण समिति के अध्यक्ष श्री अजीत सिंह भोगल ने सभा को संबोधित करते हुए गुरु तेग बहादुर जी के महान बलिदान और उनके जीवन दर्शन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा:
“गुरु जी ने धर्म, सत्य और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शिक्षा हमें निडर होकर जीने और अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने की शक्ति देती है।”
उन्होंने विद्यार्थियों को गुरु जी के बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि मनुष्य को सुख-दुख, मान-अपमान और हार-जीत को एक समान समझकर जीवन जीना चाहिए। उन्होंने अहंकार त्यागने, समाज सेवा करने और सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर प्रभु सिमरन पर जोर दिया।
उपस्थिति एवं चॉकलेट वितरण
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के बच्चों के बीच चॉकलेट बांटी गई, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे।
इस गरिमामयी अवसर पर शिक्षण समिति के त्रिलोचन सिंह, चरण सिंह सिहरा, गुरप्रीत सिंह भगत और मनदीप कौर विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही विद्यालय की प्राचार्या निशी गुप्ता, अमरेंद्र मुखर्जी, प्रतिभा यादव, अनीता पांडे, प्रमिला साहू, गीता दुबे, सरल तिवारी, लता द्विवेदी, गरिमा सिंह, तृप्ति कर्मकार, निशा यादव, प्रियंका माथुर, प्रकाश शेष, एवं विवेक नायक सहित समस्त शिक्षक गण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
