
10 साल से सेवा दे रहे 3,630 वनकर्मियों के नियमितीकरण की राह साफ, 3,370 के स्थायीकरण की भी तैयारी
जीएडी से मिली सहमति, सेवा शर्तों और भर्ती नियमों का प्रारूप तैयार करने 4 सदस्यीय समिति गठित

रायपुर, 4 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ वन विभाग में लंबे समय से दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिकता निधि से वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। विभाग ने करीब 7 हजार कर्मचारियों को नियमित करने और स्थायीकरण की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है।प्रस्ताव के मुताबिक, 10 वर्ष या उससे अधिक समय से सेवा दे रहे 3,630 कर्मचारियों को नियमित किए जाने की तैयारी है। इनमें 966 तृतीय श्रेणी और 2,664 चतुर्थ श्रेणी के पद शामिल हैं।
वहीं, 10 वर्ष से कम अवधि से कार्यरत करीब 3,370 कर्मचारियों के स्थायीकरण की दिशा में भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।जीएडी की सहमति के बाद आगे बढ़ी प्रक्रियावन विभाग के प्रस्ताव को सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की सहमति मिल चुकी है। अब कर्मचारियों की भर्ती, सेवा शर्तों और अन्य नियमों को अंतिम रूप देने के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी।समिति करेगी नियमों का परीक्षणसमिति की अध्यक्षता जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव अमिताभ बाजपेयी करेंगे।
मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त मणिवासगन एस. और वनमंडलाधिकारी गरियाबंद मयंक पाण्डेय को सदस्य बनाया गया है, जबकि उप वन संरक्षक रौनक गोयल समिति के सदस्य सचिव होंगे।समिति कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और संबंधित नियमों का परीक्षण कर अधिसूचना का प्रारूप तैयार करेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद शासन स्तर पर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
लंबे समय से उठती रही है नियमितीकरण की मांगवन विभाग में बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्षों से अस्थायी व्यवस्था के तहत अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर कर्मचारियों की ओर से पहले भी आंदोलन किए जा चुके हैं। वर्ष 2024 में कर्मचारियों ने करीब 48 दिनों तक हड़ताल की थी।अब शासन स्तर पर प्रक्रिया शुरू होने से लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे कर्मचारियों में उम्मीद जगी है।



