
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन बोले- मजबूत इच्छाशक्ति, सुरक्षा नीति और विकास से छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के खतरे को किया समाप्त
रायपुर, 2 सितंबर 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में 689 विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इनमें 376 महिलाएं और 313 पुरुष शामिल हैं। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को पुरस्कार और स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए।
समारोह में मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने की शुरुआत है। उन्होंने युवा चिकित्सकों से ज्ञान के साथ सेवा, नैतिकता और करुणा को अपनाने का आह्वान किया।नक्सलवाद से विकास की ओर बढ़ा छत्तीसगढ़उपराष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सली हिंसा जैसी चुनौतियों से जूझता रहा, लेकिन मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन के चलते राज्य अब विकास और प्रगति के नए दौर में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने एम्स रायपुर को छत्तीसगढ़ के बदलते स्वरूप का प्रतीक बताते हुए चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं में संस्थान की उपलब्धियों की सराहना की।राज्यपाल ने कहा- चिकित्सा का उद्देश्य मानवता की सेवाराज्यपाल रमेन डेका ने नव-स्नातक चिकित्सकों से ज्ञान और कौशल के साथ धैर्य, करुणा और नैतिक मूल्यों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की श्रेष्ठता केवल उसकी पेशेवर दक्षता से नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति उसके व्यवहार, विश्वास और सम्मान से भी तय होती है।समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित एम्स के वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे।दीक्षांत समारोह के दौरान विद्यार्थियों को ‘नशे को ना कहें’ की शपथ भी दिलाई गई।

