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कुदुदंड चांदनी चौक से निकली महाप्रभु जगन्नाथ भगवान की भव्य शोभायात्रा, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया भाग

घरघोडा/बिलासपुर (गौरी शंकर गुप्ता)। पुरी उड़ीसा के ऐतिहासिक महाप्रभु की रथयात्रा के दिन ही प्रतीकात्मक यात्रा कुदुदंड के चांदनी चौक से गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी महाप्रभु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व बहन सुभद्रा की विधिवत पूजा अर्चना कर एक भव्य रथ पर जिन्हें आरूढ़ कर सैकड़ों भक्तजनों ने रथ को खींचा बरसते पानी में रथ को कुदुदंड शेफर स्कूल मुंगेली नाका होते हुए भक्तों के दर्शनार्थ भ्रमण कराते हुए पुनः चांदनी चौक स्थित मंदिर तक गये पुनः पूजा पाठ कर विग्रह को मौसी के घर विश्राम करने सम्मानपूर्वक पहुंचाया गया।




रथ यात्रा का आयोजन भजन सखी सहेली के उत्साही महिला समूह द्वारा किया गया था स्थानीय शिव मंदिर में बरसते पानी में भगवान जगन्नाथ बलभद्र व बहना सुभद्रा की पूरे विधि-विधान के साथ महाप्रभु की जयकारा लगाते हुए प्रतीकात्मक भव्य रथयात्रा का शुभारंभ हुआ तो मोहल्ले और आसपास के श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भागीदारी स्वमेव होती चली गई और कारवां बढ़ता चला गया 27 खोली चौक के प्रख्यात समाजसेवी अजीत सिंह भोगल व साथियों ने भी मुंगेली नाका में महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथयात्रा को गति देने में धार्मिक भावना से ओत-प्रोत अपने आप को रोक ना सके और यात्रा में शरीक होकर रथ को खींचने लगे उक्त अवसर पर उनके साथियों में प्रमुख रूप से पार्षद नितिन पटेल, अमित चतुर्वेदी,वैभव गुप्ता,सुभाष तिवारी,श्रद्धा तिवारी,बबलू राजपुत तथा गुलशन खांडेकर ने रथ खींचने में बल लगाया।
यात्रा के प्रारंभ में चन्द्रवंशी परिवार के बब्बू बुहारते हुए भगवान का मार्ग प्रशस्त कर रहे थे तो वहीं गंगाजल का छिड़काव मार्ग का शुद्धिकरण करते हुए चल रही थी सखी सहेली महिला मंडल की अध्यक्षा सीमा चन्द्रवंशी सचिव लता चन्द्रा, कोषाध्यक्ष भारती चन्द्रा की पूरी टीम रथयात्रा को सफल बनाने में लगी रही जिसकी संख्या शताधिक रही रथयात्रा का मार्ग मिलन चौक,शिव चौक, गायत्री मंदिर चौक, मुंगेली नाका चौक,शेफर स्कूल मार्ग होते हुए पुनः चांदनी चौक स्थित शिव मंदिर तक पहुंची रास्ते में महाप्रभु की एक झलक पाने श्रद्धालुओं में होड़ मची रही शहर वासियों ने बड़ी संख्या में महाप्रभु का दर्शन कर नतमस्तक हुए।


नवागत वर्ष में होगी रथयात्रा का विस्तार
सीमा चन्द्रवंशी ने बताया कि आगामी आने वाले साल में पूरी के ऐतिहासिक रथयात्रा के दिन ही इस उपक्षेत्र में निकाली जा रही रथयात्रा को और भी अधिक धार्मिक भव्यता प्रदान करते हुए अधिक से अधिक धार्मिक संस्थाओं को आमंत्रित कर प्रतीकात्मक रथयात्रा के मार्ग को आगे बढ़ाते हुए विस्तार करने की बात कही !

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