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लैलूंगा पुलिस की बड़ी सफलता : दुर्गापुर में नशीली दवाओं का भारी जखीरा और 8.40 लाख नगद बरामद, आरोपी पति फरार, पत्नी गिरफ्तार

घरघोड़ा/लैलूंगा (गौरी शंकर गुप्ता)। लैलूंगा थाना पुलिस ने अवैध नशा कारोबार पर एक और बड़ी कार्यवाही करते हुए ग्राम दुर्गापुर में छापा मारकर नशीली दवाओं का भारी जखीरा और ₹8,40,000 नकद बरामद किया है। पुलिस की इस कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।



मुखबिर की सूचना पर छापा

पुलिस को लंबे समय से दुर्गापुर निवासी युवक धनुजय यादव और उसकी पत्नी श्रीमती तिलोत्तमा यादव के घर पर नशीली दवाओं के भंडारण और तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। दबिश के दौरान आरोपी पति धनुजय यादव मौके से भागने में सफल हो गया, जबकि उसकी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

भारी मात्रा में बरामदगी

पुलिस टीम को घर की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नशीली दवाइयाँ और नगद राशि मिली। बरामद सामान का ब्यौरा इस प्रकार है –

कोरेक्स सिरप – 200 बोतलें

नशीली टेबलेट – 385 नग

इंजेक्शन (नशे में प्रयुक्त) – पर्याप्त संख्या

नगद राशि – ₹8,40,000

ये बरामदगी यह साफ़ दर्शाती है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय था और घर को ही नशे का गोदाम बना रखा था।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम

रायगढ़ पुलिस अधीक्षक के निर्देश और लैलूंगा थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने इस छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी लंबे समय से दवाइयों की अवैध खरीद-बिक्री करता था और ग्रामीण क्षेत्र में इसकी सप्लाई नेटवर्क भी खड़ा कर चुका था।

कानूनी धाराएँ दर्ज

पुलिस ने इस मामले में मादक द्रव्य अधिनियम (NDPS Act) की धारा 20(B) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। साथ ही आरोपी पर अनुज्ञा पत्र (लाइसेंस) के बिना नशीली दवाओं के भंडारण का अपराध भी जोड़ा गया है।

आरोपी का नाम व स्थिति

गिरफ्तार आरोपी: श्रीमती तिलोत्तमा यादव, पति धनुजय यादव, निवासी ग्राम दुर्गापुर (थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़)

मुख्य आरोपी: धनुजय यादव – फिलहाल फरार, पुलिस तलाश में जुटी।

पुलिस की अपील

लैलूंगा थाना प्रभारी ने कहा कि यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नशीली दवाओं के अवैध कारोबार की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

सामाजिक प्रभाव

इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि ग्रामीण अंचल तक नशे का कारोबार फैल चुका है और कई घर नशे के अड्डों में बदल रहे हैं। नशा न केवल कानून तोड़ता है बल्कि युवाओं की ज़िंदगी और समाज की दिशा भी बिगाड़ता है। पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और ग्रामीणों ने इसे “नशे के खिलाफ सख्त कदम” बताते हुए पुलिस का आभार जताया है।

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