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चातुर्मास : शत्रुंजय महातप के 100 से अधिक तपस्वियों का तीसरा पारणा संपन्न

श्री विमल नाथ जैन मंदिर ट्रस्ट व भावोल्लास चातुर्मास समिति का भव्य आयोजन



रायपुर। श्री विमल नाथ जैन मंदिर ट्रस्ट व भावोल्लास चातुर्मास समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित चातुर्मास जो की परम पूज्य जयपाल विजय जी, परम पूज्य प्रियदर्शी विजय जी, परम पूज्य तीर्थ प्रेम विजय जी साधु भगवंत व परम पूज्य अक्षय निधि जी साध्वी भगवंत आदि की निश्रा में उत्साह व भावपूर्वक चल रहा है । तपस्वीगन का उत्साह देखते ही बनता है ,आज तीसरा पारणा 100 से अधिक तपस्वियों का नाकोड़ा भैरव सोसायटी सामुदायिक भवन में संपन्न हुआ ,जिसमें परम पूज्य प्रियदर्शी विजय जी महा. साहब व परम पूजय तीर्थ प्रेम विजय जी महा. साहब ने स्वयं पारणा स्थल पर आकर तपस्वी गनों को प्रत्यक्ष आशीर्वाद व मांगलिक दिया मांगलिक के पश्चात पारणा प्रारंभ हुआ जिसमें तपस्वी गणों ने आज तीसरा पारणा कियाl आज के लाभार्थी गोविंद जी मोमाया परिवार था जिनका बहुमान समिति के सदस्यों के द्वारा किया गया । जहां तपस्वीगनों के द्वारा पूरे भाव और उल्लास के साथ पारणा किया गया वहीं तपस्वीगनों की सेवा में चातुर्मास समिति के सदस्य के साथ ही भैरव भक्त मंडल व विमल महिला मंडल के सदस्यों ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया । 27 तारीख के भैरव महा पूजन की तैयारियां पूर्ण 27 जुलाई को भैरव जी के महा पूजन की तैयारियां पूर्ण हो गई है तथा 200 से अधिक जोड़ों को जो की महा पूजन में बैठेंगे उन्हें आज पूजन वस्त्र का वितरण नैवेघ परिवार के तरफ से किया गया जो की इस हेतु लाभार्थी परिवार है उल्लेखनीय है कि भारतवर्ष के प्रसिद्ध विधि कर के जिन्होंने सैकड़ो मंदिरों की प्रतिष्ठा करवाई है श्री मनोज जी बाबूलाल जी हरण के मार्गदर्शन में संपूर्ण विधि विधान के साथ उक्त महापूजन संपन्न होगा जिसके लिए 8000 वर्ग फीट से अधिक वॉटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है इसमें 17 परिवार ऐसे हैं जिन्हें शहपूजन पीठ में बैठने का लाभ मिलेगा तथा मुख्य पूजन पीठ में बैठने वाले मुख्य लाभार्थी का लाभ 27 तारीख के ही होगा उल्लेखनीय है कि प्रत्येक जोड़े को एक धोती व दुपट्टा तथा साड़ी एवं पूजन सामग्री व बैठका समिति की ओर से दिया जा रहा है इस पूरे कार्यक्रम में भैरव भक्त मंडल व श्री अरिहंत कलाकृति मंडल समर्पित भाव से अपनी सेवाएं दे रहा हैl आज पूजन वस्तु वितरण कार्यक्रम में पूजन में बैठने वाले जोड़ो का उत्साह देखते ही बनता था तथा पूजन सुबह 8:30 बजे प्रारंभ हो जावेगा अतः समिति ने अनुरोध किया है कि सभी जोड़े सही समय पर उपस्थित हो l भैरव जी के पूजन के पश्चात ट्रस्ट व समिति के द्वारा स्वामी वात्सल्य की व्यवस्था भी रखी गई है उक्त जानकारी सुरेश बाघमार व मूलचंद लुंकड़ ने दी।

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