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मुख्‍यमंत्री की बड़ी घोषणा: पीएससी में कम किए जाएंगे नंबर

बिलासपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने युवाओं से भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण घोषणाएं की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के फिजिकल टेस्ट की प्रकिया चल रही है। इसके परिणाम अगले दो दिनों में जारी किए जाएंगे साथ ही उसके 1 सप्ताह बाद इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सीजीपीएससी के साक्षात्कार में नंबरों के कम करने की महत्वपूर्ण घोषणा भी की। साथ ही सीजीपीएससी के लिए स्टैंडर्ड मानक पुस्तक बनवाने व बिलासपुर में रहकर सीजीपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए हॉस्टल बनवाने की भी घोषणा की।


मुख्यमंत्री बघेल युवाओं से भेंट मुलाकात कर रहे हैं पहले चरण में वे रायपुर संभाग के युवाओं से रूबरू हो चुके हैं। आज मुख्यमंत्री बघेल बिलासपुर संभाग के युवाओं से मिलने पहुंचे थे। बिलासपुर के बहतराई ऑडिटोरियम में संभाग के सभी जिलों से आए युवाओं ने उनसे बात की। जिसके लिए जिलेवार व्यवस्था बनाई गई थी। प्रत्येक जिले के युवाओं को बारी बारी प्रश्न पूछने के लिए मौके दिए जा रहे थे। शुरुआत सक्ती जिले से हुई। जिसके बाद रायगढ़ का नंबर आया इस दौरान युवाओं के बीच कई घोषणाएं करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने युवाओं के द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना भी की।

बिलासपुर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्रा लेखप्रिया तिवारी ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि जिस तरह से दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी करने वाले एससी एसटी छात्र छात्राओं के लिए आवासीय छात्रावास है ठीक उसी तरह बिलासपुर भी पीएससी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए पीएससी का गढ़ है। यहां भी पीएससी के छात्र-छात्राओं के लिए आवासीय विद्यालय की शुरुआत की जाए। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत ही अच्छा सुझाव है, सुझाव के लिए धन्यवाद हमारी सरकार बिलासपुर में भी पीएससी की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल की शुरुआत करेगी ताकि प्रदेशभर से आने वाले कमजोर तबके के छात्र-छात्राएं वहां रहकर पीएससी की तैयारी कर सकें।

कब होगा एसआई भर्ती का रिजल्‍ट जारी, सवाल पर बोले सीएम

बिलासपुर के युवा छत्रदास डाहिरे ने कहा कि वह सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा दिला रहा है। मेंस एग्जाम उसने दिला दिया है। मेंस में किस अभ्यर्थी ने कितने नंबर पाकर क्वालीफाई किए हैं, यह घोषित किए बिना सीधे मेरिट सूची निकालकर फिजिकल टेस्ट लिए जा रहा है। जिसके खिलाफ उसने हाई कोर्ट में भी याचिका लगाई है। छात्र ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि हाई कोर्ट का निर्णय आने के बाद फिजिकल परीक्षा आयोजित किया जाए। पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो दिनों में फिजिकल टेस्ट के नतीजे घोषित होंगे और उसके अगले हफ्ते में साक्षात्कार भी आयोजित किए जाएंगे। साथ ही मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब से लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जाने वाली आगामी परीक्षाओं में इंटरव्यू से पहले वर्गवार लिखित परीक्षाओं के कट ऑफ घोषित किए जाएंगे। जिससे यह स्पष्टता व पारदर्शिता रहेगी कि किस वर्ग के अभ्यर्थी ने कितने कट ऑफ पर लिखित परीक्षा क्वालीफाई की है। मुख्यमंत्री ने साथ ही एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए यह भी कहा कि पीएससी की भर्ती परीक्षा में इंटरव्यू के नंबर कम होंगे।

इंदिरा गांधी कृषि विवि में कृषि विस्‍तार अधिकारियों की भर्ती पर  सीएम ने  कहा-

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के छात्र अनूप दास ने सहायक कृषि विस्तार अधिकारी के 916 रिक्त पदों की भर्ती हेतु वित्त विभाग से अनुमति देने की मांग मुख्यमंत्री से की जिस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यहां से वापिस जाकर सुकृति दिलवाने की बात कही। कोरबा के कमला नेहरू महाविद्यालय के छात्र ने डिजास्टर मैनेजमेंट में एनसीसी छात्रों को मौका दिए जाने की मांग की जिस पर मुख्यमंत्री ने विचार करने की बात कही। जीपीएम जिले के दुर्गावती कॉलेज के छात्र शेषमन ने कहा कि मरवाही में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान आपने मरवाही में पीजी कॉलेज खोलने की घोषणा की है जिसके लिए धन्यवाद। आगे छात्रों ने कालेज के लिए भवन वह इंग्लिश महाविद्यालय खोलने की मांग की जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जिलों में इंग्लिश महाविद्यालय खोले गए हैं अगले साल पक्का जीपीएम जिले में अंग्रेजी महाविद्यालय खोला जाएगा।बिलासपुर जिले के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी की छात्रा सुष्मिता दिवाकर ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ बनने के बाद स्पेशल टीचर की भर्ती नहीं हुई है भर्ती करवाई जाए जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके सुझाव पर विचार कर भर्ती की जाएगी। बिलासपुर के युवा कुमार अभिषेक ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए बस ऑपरेटर से टाईअप कर योजना बनाई जाए जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा अच्छा सुझाव है अमल किया जाएगा।

पीएससी की तैयारी कर रही है एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से कहा कि जिस तरह से यूपीएससी की तैयारी के लिए स्टैंडर्ड मानक पुस्तक होता है। ठीक उसी तरह सीजीपीएससी के लिए भी छत्तीसगढ़ के हिस्से की तैयारी के लिए स्टैंडर्ड पुस्तक बनवाई जाए। क्योंकि हर बार परीक्षाओं के बाद कभी किसी पुस्तक से उत्तर लिया जाता है तो कभी किसी पुस्तक से , जिसके चलते भारी मात्रा में दावा पत्ती लगती है और परीक्षा प्रक्रिया में विवाद उत्पन्न होता है। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपका सुझाव बहुत अच्छा है। तैयारी करने वाले युवाओं के लिए सीजी पोर्शन की मानक पुस्तक तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को देंगे।

 मैं तो सुनने के लिए बैठा हूं तो समय की कैसी कमी?

एमबीबीएस कर रहे छात्र मेहुल खेड़िया ने कहा कि एमबीबीएस के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा के लिए 2 साल की बाध्यता है। 2 साल सेवा करने के बाद 3 साल हमें पीजी करना पड़ता है। जिसके बाद फिर से 2 साल ग्रामीण अंचलों में सेवा देनी पड़ती है। जो कि हम मेडिकल छात्रों के लिए काफी लंबा समय हो जाता है। हमें छत्तीसगढ़ राज्य की सेवा अच्छे से मल्टीस्पेशलिटी वाला डॉक्टर बनकर करनी है ना कि गांव का डॉक्टर बनकर। यदि हम स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनेंगे तो राज्य को ही फायदा होगा। इसलिए 2 साल की सेवा बाध्यता खत्म कर 1 साल का किया जाए। जिस पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी में कहा कि सेवा नहीं करने पर 25 लाख रुपए का बांड भरना पड़ता है। इसको भी कम करने के बारे में क्यों मांग नहीं कर रहे हो। जिस पर छात्र ने कहा कि समय अभाव के चलते नहीं बोल पाया। मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि मैं तो सुनने के लिए बैठा हूं तो समय की कैसी कमी? फिर मुख्यमंत्री ने मेडिकल छात्र से कहा कि अभी राज्य में कई मेडिकल कॉलेज उनके सरकार के द्वारा खोल दिए गए हैं। जिनके लिए असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती करनी है। इसलिए वे खुद भी बॉन्ड कम करने का सोच रहे हैं। इसके लिए अधिकारियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की समाप्ति में जय जोहार जय छत्तीसगढ़ महतारी के नारे लगवाए।

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