businessCity

बिल्डर अब रेरा एप्रूव लिखकर नहीं कर सकते प्रोजेक्ट की ब्रांडिंग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बड़े-बड़े बिल्डर अपने प्रोजेक्ट की ब्रांडिंग करते हुए यह प्रचार करते हैं कि उनके प्रोजेक्ट रेरा (रियल एस्टेट रेग्यूलरिटी अथारिटी) से एप्रूव्ड है, लेकिन ये बिल्डर अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। दरअसल रेरा ने खुद ही इस तरह के प्रचार अभियान को संज्ञान में लिया है। बिल्डरों के बताया गया है कि वे रेरा एप्रूव्ड शब्द की जगह केवल रेरा रजिस्टर्ड या पंजीकृत ही लिख सकते हैं।
प्रचार अभियान से ग्राहकों में भ्रांति
किसी भी आवासीय या व्यावसायिक प्रोजेक्ट में कोई फ्लैट, मकान या अन्य व्यावसायिक संपत्ति की खरीदी करने वाले ग्राहकों को अगर बिल्डर के प्रचार अभियान में यह लिखा नजर आता है कि प्रोजेक्ट रेरा से एप्रूव्ड है, तो जाहिर है उन्हे लगता है कि प्रोजेक्ट में सब कुछ ठीक-ठाक है। यही कारण है कि ग्राहक ऐसे प्रोजेक्ट पर धन लगाने का दांव लगाते हैं, लेकिन अब इस पर रेरा ही तुरंत रोक लगा रहा है।
रेरा ने जारी किया निर्देश
इस पूरे मामले को लेकर रेरा ने एक परिपत्र जारी किया है। परिपत्र में कहा गया है कि छग रेरा में पंजीकृत रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के प्रमोटर्स द्वारा समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों में अपने प्रोजेक्ट का प्रचार किया जाता है। इस संबंध में विभिन्न प्रमोटर्स द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों या अन्य प्रचार समाग्री के अवलोकन से रेरा के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि प्रमोटर्स अपने प्रोजेक्ट को रेरा एप्रूव्ड प्रोजेक्ट के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।
एप्रूव्ड शब्द का प्रयोग नहीं कर सकते
रेरा ने इस मामले में साफ किया है कि छग रेरा द्वारा अन्य विभागों से प्राप्त अनुमतियों के आधार पर प्रोजेक्ट को पंजीयन दिया जाता है। इसलिए छग रेरा में पंजीकृत प्रोजेक्ट के प्रचार प्रसार के लिए एप्रूव्ड शब्द का प्रयोग किया जाना अनुज्ञेय नहीं है। इसलिए अधिनियम की धारा 37 के अंतर्गत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस संबंध में प्रमोटर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रोजेक्ट के लिए प्रकाशित विभिन्न प्रचार सामाग्रियों में रेरा एप्रूव्ड के स्थान पर रेरा रजिस्टर्ड या रेरा पंजीकृत शब्द का प्रयोग करें। इशके साथ ही प्रचार प्रसार सामाग्री में रेरा का पंजीयन क्रमांक का उल्लेख अनिवार्य रूप से करें।



Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button