April 26, 2026

पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा

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घरघोड़ा(गौरी शंकर गुप्ता)। थाना तमनार अंतर्गत ग्राम चिर्रामुड़ा की अत्यंत दुःखद और दिल को झकझोर देने वाली घटना जिसमें एक नवविवाहिता महिला की हत्या उसके ही पति द्वारा कर दी गई । मामले बारे में बताते हुए अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि थाना तमनार अंतर्गत ग्राम चिर्रामुड़ा निवासी अभियुक्त अनिल कुमार बेहरा जो मृतिका श्रीमती खुशबू बेहरा का पति है को विद्वान न्यायालय ने पत्नी की हत्या के लिए दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है तथा अर्थ दण्ड से भी दण्डित किया है।थाना तमनार के अपराध क्रमांक 166/2022 के अनुसार घटना दिनांक 29/4/2022 की रात्रि अभियुक्त एवं मृतिका श्रीमती खुशबू बेहरा के मध्य चरित्र पर शंका के कारण लड़ाई झगडे़ हुए और गुस्से में आकर अभियुक्त ने तकिये से मृतिका के मुंह नाक को दबा कर उसकी हत्या कर दी तथा हत्या के आरोप से बचने के लिए उसने मृतिका को पलंग से नीचे गिरने के कारण चोट आना बता कर तमनार अस्पताल में भर्ती कराया हूं, बता कर मृतिका के माता-पिता को सूचना दी । मृतिका के माता-पिता तमनार अस्पताल पहुंचे तो उनकी पुत्री की मृत्यु हो चुकी थी दरअसल मृतिका श्रीमती खुशबू बेहरा की मृत्यु उसके घर में ही हो गई थी। घटना को नया रूप देने के लिए अभियुक्त ने यह साजिश रची थी जिससे मृतिका के माता-पिता अनभिज्ञ थे। किन्तु मृतिका के पोस्ट मार्टम रिपोर्ट ने अभियुक्त के किये धरे पर पानी फेर दिया और सारी पोल खोल दी पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में मृतिका की मृत्यु हत्यात्मक प्रकृति का होना बताया गया था जिसके आधार पर अभियुक्त के ऊपर पुलिस ने अपना शिकंजा कसा तो अभियुक्त ने अपनी पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया उक्त स्वीकारोक्ति एवं पोस्ट मार्टम के रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण की विवेचना आगे बढ़ाई गई तथा विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध थाना प्रभारी तमनार जी पी बंजारे ने धारा 302, 201 भारतीय दण्ड संहिता के तहत चालान तैयार कर न्यायालय में पेश किया।माननीय विद्वान न्यायाधीश श्री अभिषेक शर्मा के न्यायालय ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए सभी साक्षियों का बयान दर्ज किए तथा उभय पक्ष के तर्क श्रवण करने के पश्चात अभियुक्त अनिल कुमार बेहरा को हत्या का दोषी पाया तथा धारा 302भारतीय दण्ड संहिता के तहत आजीवन कारावास एवं 1000/रू के जुर्माने से तथा धारा 201भारतीय दण्ड संहिता के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000रू के जुर्माने से दण्डित करने का दण्डादेश दिया है। न्यायालय के निर्णय से संतुष्ट परिवार जनों के आंखों में आसूं छलक पड़े।एक कन्या जो हजारों सपने लेकर वैवाहिक जीवन के बंधन में बंध कर नया घर बसाने की तमन्ना लेकर अपना सब कुछ पीछे छोड़ आती है,पर उसे क्या पता कल क्या होगा। 29 अप्रैल की वो काली रात मृतिका खुशबू बेहरा की जीवन की अंतिम रात थी उस नयी नवेली दुल्हन को क्या पता था कि उसके साथ दो महीने पहले ही सात जन्मों तक साथ निभाने अग्नि की साक्षी में सात फेरे लेने वाला पति ही उसकी सांसें छीन लेगा।



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