अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़: रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 23 लाख की ठगी केस सुलझा
रायगढ़(गौरी शंकर गुप्ता)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में रायगढ़ पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 23.28 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में बैंगलूरू से दो आरोपी—विग्नेश पी और स्टीफन थॉमस—को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फिरोज खान उर्फ डॉम्निक दुबई से नेटवर्क चला रहा था।
ऐसे हुई ठगी:
थाना पुसौर क्षेत्र के 72 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक गरुण सिंह पटेल को आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर डराया और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। जांच के नाम पर पीड़ित से 12 किश्तों में UPI, Paytm और RTGS के जरिए कुल 23.28 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
गिरोह का तरीका:
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह भारत और दुबई से संचालित होकर डिजिटल अरेस्ट, आधार-सिम लिंकिंग, फर्जी लोन ऐप और क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगी करता था। आरोपियों को कमीशन के आधार पर खातों में पैसे लेने-भेजने का काम सौंपा जाता था। इस कार्रवाई में निरीक्षक मोहन भारद्वाज, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेश पटेल, आरक्षक धर्नुजय चंद बेहरा सहित साइबर टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मार्गदर्शन में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा और डीएसपी साइबर उन्नति ठाकुर शामिल रहीं।
पुलिस की कार्रवाई:
मामले में त्वरित जांच करते हुए पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों का लोकेशन बैंगलूरू में ट्रेस किया। टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 2 मोबाइल फोन जब्त किए और 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई।
एसएसपी का संदेश:
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल या सरकारी अधिकारी बनकर दी जाने वाली धमकियों से न डरें और अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है
