दुर्ग में भारी बारिश से हाहाकार: 200 परिवारों के 764 लोगों का रेस्क्यू, 16 राहत शिविरों में ठहराया

नदी-नाले उफान पर, कई इलाकों में घरों में घुसा पानी; महमरा ऐनीकट पर बढ़ा जलस्तर, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी


रायपुर, 26 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते हालात बिगड़ गए हैं। बीते 24 और 25 सितंबर को हुई तेज बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर हैं और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नगर निगम क्षेत्रों सहित ग्रामीण इलाकों में पानी भरने से प्रभावित 200 परिवारों के 764 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए जिले में अब तक 16 अस्थायी राहत शिविर बनाए हैं। इन शिविरों में लोगों के ठहरने के साथ भोजन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
दुर्ग तहसील में 268 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया
दुर्ग तहसील के प्रभावित क्षेत्रों से 52 परिवारों के 268 लोगों को पांच राहत शिविरों में ठहराया गया है। पुलगांव वार्ड क्रमांक 55 में 13 घरों में पानी भरने के बाद 48 लोगों को नगर निगम की टीम ने रेस्क्यू कर सामुदायिक भवन में पहुंचाया। वहीं भिलाई निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 41 में पांच घरों में जलभराव के बाद 30 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्थायी राहत केंद्र में रखा गया।ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई जगहों पर जलभराव के चलते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। ग्राम भरदा के ईंट भट्ठा क्षेत्र में पानी भरने के बाद 35 मकानों में रहने वाले 210 लोगों को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक शाला भवन में ठहराया गया है।
पाटन में 345 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया
पाटन तहसील के सात गांवों से 117 परिवारों के 345 लोगों को पांच राहत शिविरों में रखा गया है। बोथली में एसडीआरएफ ने तीन घरों के 12 लोगों को रेस्क्यू कर पंचायत भवन पहुंचाया। पाहंदा गांव में चार घरों के 40 लोगों को सुरक्षित निकालकर उनकी इच्छा के अनुसार रिश्तेदारों के यहां पहुंचाया गया।खुड़मुड़ा में दो महिलाओं को एसडीआरएफ ने नाव के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं जामराव में 35 घरों के 147 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। केसरा में 70 घरों के 135 लोगों को पंचायत भवन, शाला भवन और सामुदायिक भवन में बनाए गए राहत केंद्रों में ठहराया गया है।महमरा ऐनीकट पर बढ़ा पानी, लोगों को हटाया गयाबारिश के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। शनिवार सुबह महमरा ऐनीकट के ऊपर करीब 8 फीट पानी बह रहा था। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और लोग नदी का जलस्तर देखने पहुंच गए। प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को तत्काल वहां से हटाया।कुछ ही घंटों में ऐनीकट के ऊपर पानी का बहाव साढ़े 12 फीट से अधिक हो गया। इसके बाद प्रशासन ने लोगों को नदी और ऐनीकट के आसपास जाने से बचने की सख्त हिदायत दी।
कलेक्टर ने किया जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा
लगातार बारिश के बीच दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित प्रशासनिक टीम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। एसडीआरएफ की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।कलेक्टर ने शनिवार सुबह शिवनाथ नदी समेत जलभराव वाले इलाकों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का फोकस लोगों को सुरक्षित रखने और किसी भी संभावित जनहानि को रोकने पर है।
प्रशासन की अपील—नदी और ऐनीकट के पास न जाएं
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि जब तक कोई बेहद जरूरी काम न हो, नदी, ऐनीकट और जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचें। जलस्तर तेजी से बढ़ने की स्थिति में ऐसे स्थानों पर जाना जानलेवा हो सकता है। नागरिकों से प्रशासन और पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।



