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दादी और पिता के हत्यारे को आजीवन कारावास

धमतरी। अपने पिता और दादी को लकड़ी के बत्ते से मार-मारकर मौत की नींद सुलाने वाले आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास से दंडित किया है। कारावास भुगताने के बाद उसे जेल भेजने का आदेश भी दिया है।
न्यायालयीन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना 13 अप्रैल 2021 की है। करेली चौकी थाना मगरलोड क्षेत्र के ग्राम चंदना में महेश कुमार वर्मा अपने पिता पन्नालाल वर्मा, मां रेखा वर्मा और दादी त्रिवेणी वर्मा के साथ रहता था। महेश की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके चलते घटना की रात 9 बजे सभी लोग खाना खाकर सो गए थे। जिस कमरे में महेश सोया था, जिसे बाहर से बंद कर दिया था। रात 11 बजे महेश ने आवाज लगाई कि उसे पानी पीना है। डर के कारण रेखा ने दरवाजा नहीं खोला। पन्ना लाल वहां आया और उसने दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही महेश घर के आंगन में आ गया। रेखा ने महेश कुमार वर्मा से कहा कि वह घर वालों को क्यों परेशान कर रहा है, तब महेश खुद को बजरंगबली, माता दुर्गा बताते हुए रेखा को धक्का मारकर गिरा दिया। इसके पश्चात वह अपने पिता व दादी त्रिवेणी वर्मा के साथ झगड़ा व मारपीट करने लगा। रेखा पड़ोसियों को बुलाने बाहर चली गई। जब वह वापस आयी तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खोल तो देखा कि पन्नालाल वर्मा व त्रिवेणी वर्मा दोनों लहूलुहान होकर मृत पड़े थे। महेश ने दोनों के सिर पर एक बत्ते से कई बार हमला किया था, जिससे दोनों की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद महेश घर से भाग गया था। यह मामला कुरूद न्यायालय में दर्ज किया गया। वहां से सत्र न्यायाधीश केएल चरयानी के न्यायालय में भेजा गया था। सभी गवाहों और सबूतों पर गौर करने के बाद न्यायाधीश श्री चरयानी ने महेश को दोनों हत्याओं का दोषी पाया। उसे धारा 302 के लिए निर्धारित न्यूनतम दण्ड आजीवन कारावास से दंडित किया। उसकी अभिरक्षा की स्थिति व पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए पृथक-पृथक दो हत्याओं के लिए 100-100 रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया। अर्थदण्ड की राशि अदा न करने पर उसे तीन-तीन माह का साधारण कारावास अतिरिक्त भुगताना होगा। इस मामले में पैरवी लोक अभियोजक मोहित देवांगन ने की है।



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