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टाटा मोटर्स के साणंद कारखाने में अप्रैल से ईवी वाहनों का निर्माण

कंपनी ने फोर्ड इंडिया से किया था अधिग्रहण



नई दिल्ली। टाटा मोटर्स इस साल अप्रैल से फोर्ड इंडिया से अधिग्रहण किये गये साणंद संयंत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों का विनिर्माण शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। कंपनी की इकाई टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने पिछले साल जनवरी में फोर्ड इंडिया से 725.7 करोड़ रुपये में इस संयंत्र का अधिग्रहण किया था। टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक (यात्री वाहन) शैलेश चंद्रा ने कहा, ‘हम अप्रैल से नेक्सन ईवी के साथ साणंद में इलेक्ट्रिक वाहन का विनिर्माण शुरू करने की योजना बना रहे हैं।’

कंपनी ने पहले ही तीन लाख इकाई प्रति वर्ष की स्थापित क्षमता वाले विनिर्माण संयंत्र में नेक्सॉन के पेट्रोल, डीजल संस्करणों का उत्पादन शुरू कर दिया है। इसके साथ वार्षिक क्षमता बढ़कर 4.2 लाख इकाई हो जाएगी। चंद्रा ने कहा कि कंपनी इस कारखाने में आगामी मॉडल का उत्पादन भी करना चाहती है।
कंपनी के नए उत्पाद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कर्व ईवी को इस वर्ष की दूसरी या तीसरी तिमाही के आसपास पेश किया जाएगा। चंद्रा ने कहा, ‘‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस साल के अंत तक हम हैरियर ईवी और कर्व का पेट्रोल, डीजल (आईसीई) संस्करण भी पेश कर पाएंगे।
यात्री वाहन उद्योग में पांच फीसदी वृद्धि की उम्मीद
अगले वित्त वर्ष में बिक्री के सवाल पर उन्होंने कहा कि यात्री वाहन उद्योग में पांच प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। चंद्रा ने कहा, ‘हमने कुछ नए उत्पाद पेश करने की योजना बनाई है, इसलिए हम उद्योग से बेहतर वृद्धि करने का लक्ष्य रखेंगे।
फेम के तहत ईवी को दिया गया लाभ
बजट से उम्मीदों पर उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत इलेक्ट्रिक कारों को फेम योजना के तहत लाभ देने से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास में तेजी आने की उम्मीद है। फेम से तात्पर्य भारत में हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने तथा विनिर्माण से है।

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