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‘ऑपरेशन आमाघाट’ में बड़ा खुलासा : डेढ़ एकड़ में अफीम की खेती जब्त, झारखंड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

घरघोड़ा (गौरी शंकर गुप्ता) | छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने नशे के अवैध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन आमाघाट’ के तहत अफीम की खेती के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अवैध रूप से अफीम उगाई जा रही थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। साथ ही इस पूरे नेटवर्क के झारखंड कनेक्शन का भी खुलासा हुआ है।



तमनार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दुर्गम इलाके में प्रतिबंधित अफीम की खेती की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। तस्करों ने फसल को इस तरह से तैयार किया था कि दूर से देखने पर यह सामान्य खेती जैसी नजर आती थी। फसल के बीच अन्य पौधों का सहारा लेकर इसे इस तरह छिपाया गया था कि सैटेलाइट या ड्रोन की नजरों से बचा जा सके।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से मार्शल सांगा नामक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में खुद को झारखंड का निवासी बताया है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि झारखंड के संगठित गिरोह छत्तीसगढ़ के शांत और दुर्गम इलाकों को नशे की खेती के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से गिरोह के अन्य सदस्यों और सप्लाई नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।

पिछले 15 दिनों में यह चौथा बड़ा मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले दुर्ग और बलरामपुर जिलों में भी करोड़ों रुपये की अफीम की फसल नष्ट की जा चुकी है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद पुलिस मुख्यालय भी अलर्ट मोड पर है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई अफीम की फसल का विधिवत पंचनामा तैयार कर उसे नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मामला किसी बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जिसकी जांच के लिए विशेष टीम (SIT) गठित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि सरगुजा और बस्तर संभाग के बाद अब रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों के पास इस तरह की अवैध खेती सामने आना एक गंभीर चुनौती है, जिस पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।

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