आज भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा:रायपुर में सोने की झाड़ू से होगी छेरापहरा, फूलों से सजे मंदिर
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर पर आज रायपुर समेत प्रदेशभर के प्रमुख जगन्नाथ मंदिरों से भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी।
रायपुर में रथयात्रा से पहले एक अनोखी परंपरा भी निभाई जाती है। महाप्रभु के रथ के मार्ग की सफाई साधारण झाड़ू से नहीं, बल्कि करीब सवा किलो वजनी दो सोने की झाड़ुओं से की जाती है। एक झाड़ू राज्यपाल और दूसरी मुख्यमंत्री के हाथ में होती है। दोनों महाप्रभु के रथ के आगे झाड़ू लगाकर पुरी की सदियों पुरानी ‘छेरापहरा’ परंपरा निभाते हैं।बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए आयोजकों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
ओडिशा के कलाकारों ने संवारी रथ और मंदिर की भव्यता
रथयात्रा की तैयारियों के तहत इस बार भी ओडिशा से आए कलाकार गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पारंपरिक शैली की पेंटिंग और आकर्षक सजावट कर रहे हैं। मंदिर की दीवारों, प्रवेश द्वार और रथों को पुरी की तर्ज पर रंग-बिरंगे धार्मिक चित्रों और पारंपरिक अलंकरण से सजाया जा रहा है।
वहीं महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा की पूजा-अर्चना और रथयात्रा के सभी धार्मिक अनुष्ठानों को विधि-विधान से संपन्न कराने के लिए ओडिशा से पुजारियों को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि रायपुर में भी श्रद्धालुओं को पुरी जैसी आध्यात्मिक अनुभूति मिल सके।
एक ही परिसर में कई देवी-देवताओं के मंदिर
टुरी-हटरी का जगन्नाथ मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ के अलावा श्रीराम दरबार, दो शिव मंदिर, संतोषी माता मंदिर, गरुड़ मंदिर और संकटमोचन हनुमान मंदिर भी स्थापित हैं। इसी कारण यह मंदिर सालभर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है।
