Gupt Navratri 2026: आज से शुरू होगी गुप्त नवरात्रि गुप्त नवरात्रि की पूजा के लाभ

Gupt Navratri 2026: आज से शुरू होगी गुप्त नवरात्रि,
सनातन परंपरा में शक्ति की साधना के लिए नवरात्रि का पर्व अत्यंत ही शुभ और फलदायी माना गया है. शक्ति के साधक देवी इस पावन पर्व को साल में चार बार मनाते हैं. जिसमें दो नवरात्रि आश्विन और चैत्र नवरात्रि को बड़े हषोल्लास के साथ मनाया जाता है तो वहीं माघ और आषाढ़ मास में पड़ने वाली नवरात्रि जिसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं उसकी साधना-आराधना पूरी तरह गुप्त रूप से होती है. कहने का तात्पर्य यह कि गुप्त नवरात्रि में साधक शक्ति की साधना धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुशासन के साथ करता है. पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का महापर्व आज से प्रारंभ होने जा रहा है.
गुप्त नवरात्रि की पूजा का मुहूर्त
पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 15 जुलाई 2026 को घट स्थापना से होगी और इसका पारण अंतिम दिन यानि 23 जुलाई 2026 को होगा. पंचांग के अनुसार देवी पूजा के शुभारंभ में घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 15 जुलाई 2026, बुधवार की सुबह 05:33 से 10:09 बजे तक रहेगा. पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि 22 जुलाई और नवमी तिथि 23 जुलाई 2026 को पड़ेगी.
गुप्त नवरात्रि की पूजा के लाभ
हिंदू मान्यता के अनुसार आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि पर देवी दुर्गा की गुप्त रूप से साधना-आराधना करने पर साधक पर 9 दुर्गा और 10 महाविद्या का आशीर्वाद बरसता है. देवी पूजा के पुण्यफल से साधक के जीवन से जुड़े सभी कष्ट शीघ्र ही दूर और मनोकामनाएं शीघ्र ही पूरी होती हैं. गुप्तनवरात्रि की देवी पूजा सभी शत्रु और बाधा को दूर करके अनंत सुख दिलाने वाली मानी गई है. मान्यता है कि देवी की कृपा से साधक को पूरे साल धन-धान्य की कमी नहीं होती है. शक्ति साधना के शुभ फल साधक के कुंडली के सभी दोष को दूर हो जाते हैं.
