सड़क हादसों पर लगाम के लिए ट्रांसपोर्टरों के साथ ‘सुरक्षा संवाद’, एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश
रायगढ़ (गौरी शंकर गुप्ता) | रायगढ़ जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आज पुलिस प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस, परिवहन विभाग और ट्रांसपोर्टरों की एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक संपन्न हुई।
🔹 संयुक्त रणनीति पर जोर
नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) श्री मयंक मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिला परिवहन अधिकारी (DTO) श्री अमित कश्यप और ट्रैफिक डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह सहित छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के सैकड़ों ट्रांसपोर्टर व वाहन मालिक शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा पुलिस, परिवहन, NH और PWD के समन्वय से जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाना रहा।
🔹 ट्रांसपोर्टरों के लिए जारी ‘सख्त गाइडलाइन’
बैठक के दौरान अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टरों को स्पष्ट चेतावनी और निर्देश दिए:
- ड्राइवर सत्यापन: सभी चालकों का चरित्र सत्यापन और ड्राइविंग लाइसेंस की गहन जांच अनिवार्य है।
- दक्षता परीक्षण: ट्रांसपोर्टर केवल लाइसेंस न देखें, बल्कि चालक से वाहन चलवाकर उसकी दक्षता भी परखें।
- यूनिफॉर्म कोड: वाहन संचालन के दौरान चालकों के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य की गई है।
- नशाखोरी पर जीरो टॉलरेंस: ब्रीथ एनालाइजर से नियमित जांच होगी। शराब पीकर वाहन चलाने और मोबाइल के इस्तेमाल पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- फिटनेस और ओवरलोडिंग: बिना फिटनेस, रिफ्लेक्टर या इंडिकेटर के वाहन पाए जाने पर भारी जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई होगी।
🔹 चालकों की सुविधाओं और सुरक्षा पर चर्चा
सीएसपी मयंक मिश्रा ने लंबी दूरी के चालकों की थकान को दुर्घटना का बड़ा कारण बताते हुए मुख्य मार्गों पर सुरक्षित पार्किंग और रेस्ट एरिया विकसित करने पर बल दिया। वहीं, डीएसपी ट्रैफिक ने निर्देश दिए कि प्रत्येक चालक का डेटाबेस तैयार कर यातायात कार्यालय के साथ साझा किया जाए।
🔹 ग्राउंड रिपोर्ट और सुझावों पर त्वरित एक्शन
बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने भी अपनी व्यावहारिक समस्याएं रखीं, जिस पर अधिकारियों ने तत्काल समाधान का आश्वासन दिया:
- कबाड़ हटाओ अभियान: जूटमिल क्षेत्र के अटल चौक और रायगढ़-पुंजीपथरा मार्ग पर खड़े परित्यक्त (कबाड़) वाहनों को जल्द हटाया जाएगा।
- विजिबिलिटी का मुद्दा: ट्रांसपोर्ट नगर के पास कचरा जलाने से होने वाले धुएं और कम दृश्यता की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए गए।
- नो-एंट्री में संशोधन: नो-एंट्री के समय को और अधिक व्यावहारिक बनाने के सुझाव पर विचार करने की बात कही गई।
“सुरक्षित यातायात के लिए सभी की सहभागिता जरूरी है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर की जिम्मेदारी तय की गई है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होगा। नियम पालन अनिवार्य है, अनदेखी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।” > — श्री शशि मोहन सिंह, एसएसपी, रायगढ़
