अंबिकापुर से महानगरों का सफर हुआ आसान: ‘मां महामाया एयरपोर्ट’ से हवाई सफर शुरू
अंबिकापुर (गौरी शंकर गुप्ता)। उत्तर छत्तीसगढ़ के इतिहास में आज का दिन ‘मील का पत्थर’ साबित हुआ है। दशकों का लंबा इंतजार खत्म करते हुए मां महामाया एयरपोर्ट (दरिमा) से देश की राजधानी दिल्ली और सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता के लिए नियमित विमान सेवा का आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्चुअली इस ऐतिहासिक सेवा का विधिवत शुभारंभ किया।
कनेक्टिविटी का नया अध्याय: एलायंस एयर भरेगी उड़ान
अंबिकापुर से इन महानगरों के लिए हवाई सेवा का संचालन एआई (AAI) की सहायक कंपनी एलायंस एयर द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए 72 सीटर एटीआर (ATR) विमानों का उपयोग होगा। यह सेवा न केवल सरगुजा, बल्कि बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए भी वरदान साबित होगी।
फ्लाइट शेड्यूल: कब और कैसे उड़ेंगे विमान?
दिल्ली और कोलकाता के लिए सप्ताह में दो-दो दिन उड़ानें संचालित की जाएंगी। इनका विस्तृत शेड्यूल नीचे दिया गया है:
1. दिल्ली रूट (सोमवार और बुधवार)
- सोमवार: दिल्ली से सुबह 07:50 बजे प्रस्थान $\rightarrow$ बिलासपुर (10:25) $\rightarrow$ अंबिकापुर (11:35)।
- वापसी: अंबिकापुर से दोपहर 12:05 बजे प्रस्थान $\rightarrow$ दिल्ली (02:35)।
- बुधवार: इस दिन क्रॉस-कनेक्शन के माध्यम से दिल्ली-अंबिकापुर और बिलासपुर के बीच सेवा उपलब्ध रहेगी।
2. कोलकाता रूट (गुरुवार और शनिवार)
- शनिवार: कोलकाता से सुबह 07:05 बजे प्रस्थान $\rightarrow$ बिलासपुर (08:55) $\rightarrow$ अंबिकापुर (10:00)।
- वापसी: अंबिकापुर से सुबह 10:25 बजे प्रस्थान $\rightarrow$ कोलकाता (12:15)।
- गुरुवार: कोलकाता से सुबह 07:05 बजे प्रस्थान $\rightarrow$ सीधा अंबिकापुर (08:50) $\rightarrow$ बिलासपुर (09:55) $\rightarrow$ कोलकाता वापसी (12:05)।
किराया और बुकिंग की जानकारी
यात्रियों की सुविधा के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है।
- अनुमानित किराया: दिल्ली और कोलकाता के लिए शुरुआती किराया लगभग ₹6000 रहने की संभावना है।
- बुकिंग माध्यम: टिकट एलायंस एयर की वेबसाइट, मोबाइल ऐप्स, ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों और अंबिकापुर एयरपोर्ट के लोकल काउंटर से बुक किए जा सकते हैं।
विकास को लगेंगे पंख: क्यों खास है यह सेवा?
अब तक रेल और सड़क मार्ग पर निर्भर रहने वाले सरगुजा संभाग के लिए यह सीधी उड़ान कई मायनों में महत्वपूर्ण है:
- चिकित्सा: गंभीर मरीजों को दिल्ली या कोलकाता के बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना अब आसान और तेज होगा।
- शिक्षा व व्यापार: छात्र और व्यापारियों के लिए महानगरों की दूरी अब घंटों की बजाय मिनटों में सिमट जाएगी।
- पर्यटन: मैनपाट और सरगुजा के अन्य पर्यटन स्थलों तक बाहरी सैलानियों की पहुंच बढ़ेगी, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
“यह हवाई सेवा सरगुजा के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक नई दिशा तय करेगी। अब उत्तर छत्तीसगढ़ सीधे देश के बड़े आर्थिक केंद्रों से जुड़ गया है।” — विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
