रायगढ़ पुलिस का ‘ जीरो टॉलरेंस ‘: SSP शशि मोहन सिंह ने अवैध शराब-जुआ पर सख्ती, थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की चेतावनी
घरघोड़ा (गौरीशंकर गुप्ता)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस कंट्रोल रूम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना-चौकी प्रभारियों और शाखा प्रमुखों के साथ महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में SSP ने अवैध शराब, जुआ-सट्टा, नशीले पदार्थों का कारोबार और वैश्यावृत्ति जैसी सामाजिक बुराइयों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने दो-टूक शब्दों में चेतावनी जारी की कि जिले में ऐसी कोई भी अवैध गतिविधि पनपने नहीं दी जाएगी। यदि किसी थाना क्षेत्र में ऐसी गतिविधियां पाई गईं, तो संबंधित थाना प्रभारी की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। SSP ने स्पष्ट किया कि रायगढ़ पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में है, जहां अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह नीति न केवल अपराध दर को कम करने बल्कि नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने का भी माध्यम बनेगी। बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे पर भी जोर दिया गया, ताकि न्याय प्रक्रिया में कोई देरी न हो।

अपराध नियंत्रण के प्रमुख निर्देश
SSP शशि मोहन सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सामान्य अपराध जैसे मारपीट, जुआ-सट्टा, अवैध शराब और अबकारी से जुड़े मामलों का सात दिनों के अंदर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मेडिकल रिपोर्ट या अन्य औपचारिकताओं के कारण प्रकरण लंबित न रहें, इसके लिए सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने के आदेश दिए। बीट सिस्टम को और मजबूत बनाने, विवेचना की गुणवत्ता में सुधार तथा सूचना तंत्र को सक्रिय रखने पर विशेष बल दिया गया। आगामी होली पर्व को ध्यान में रखते हुए असामाजिक तत्वों और बदमाशों की पहचान कर अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए। त्योहारों के दौरान शांति भंग करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। विजुअल पुलिसिंग, तीन सवारी वाहनों पर सख्ती, ड्रिंक एंड ड्राइव तथा यातायात उल्लंघनों पर कड़ाई बरतने को कहा गया। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हिट एंड रन मामलों की गहन समीक्षा और ट्रैफिक नियमों का कठोर पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा, रेंज स्तरीय सशक्त ऐप के माध्यम से चोरी वाहनों को ट्रेस करने, त्रिनयन ऐप से सीसीटीवी नेटवर्क को मजबूत बनाने तथा साइबर प्रहरी अभियान में अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़ने के निर्देश दिए गए। ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौवंश तस्करी रोकने और ऑपरेशन आघात के अंतर्गत अवैध शराब व मादक पदार्थों पर लगातार छापेमारी जारी रखने को कहा गया। SSP ने जिला स्तरीय क्राइम मीटिंग से पूर्व सभी राजपत्रित अधिकारियों को अनुविभाग स्तर पर थाना प्रभारियों और विवेचकों के साथ बैठक आयोजित करने के आदेश दिए।
होली पर विशेष तैयारी और जन सहयोग की अपील
होली जैसे प्रमुख त्योहार को शांतिपूर्ण बनाने के लिए अभी से गुंडा तत्वों की धरपकड़ तेज करने के निर्देश दिए गए। SSP ने चेतावनी दी कि जो भी असामाजिक तत्व शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गश्त बढ़ाने, प्रमुख चौराहों पर बल तैनाती सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील इलाकों में नजर बनाए रखने पर बल दिया। जिले में साइबर अपराधों पर भी निगरानी रखने और नागरिकों को साइबर प्रहरी से जोड़ने की मुहिम तेज करने को कहा। SSP ने कहा कि रायगढ़ पुलिस का उद्देश्य न केवल अपराध रोकना बल्कि समाज को अपराध मुक्त बनाना है। इसके लिए थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त करें, स्थानीय लोगों से संपर्क बनाए रखें और सूचनाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित करें। लॉ एंड ऑर्डर को मजबूत करने के लिए कमिश्नर सिस्टम की तर्ज पर काम करने पर जोर दिया गया। अंत में, SSP ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता का सहयोग ही जिले को सुरक्षित बनाने का आधार है। यह पहल रायगढ़ जिले में अपराध के खिलाफ नई क्रांति का सूत्रपात करेगी, जहां जीरो टॉलरेंस नीति हर स्तर पर अमल में लाई जाएगी। पुलिस की यह सक्रियता निश्चित रूप से अपराधियों के हौसले तोड़ देगी और नागरिकों में सुरक्षा का अहसास पैदा करेगी।
