March 6, 2026

मैनपाट महोत्सव 13 से 15 फरवरी तक, बॉलीवुड और भोजपुरी सितारों की दिखेगी चमक

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घरघोड़ा/सरगुजा (गौरी शंकर गुप्ता)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित ‘छत्तीसगढ़ का शिमला’ कहे जाने वाले मैनपाट में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ‘मैनपाट महोत्सव 2026’ का शंखनाद होने वाला है। इस साल यह भव्य आयोजन 13 से 15 फरवरी तक चलेगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में न केवल छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखेगी, बल्कि बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सितारे भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।



महोत्सव का शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। लंबे समय के अंतराल के बाद प्रशासन इस आयोजन को बेहद भव्य रूप दे रहा है, ताकि मैनपाट की प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया जा सके। मैनपाट, जो तिब्बती बस्ती और बौद्ध मठों के लिए प्रसिद्ध है, पहाड़ियों, जलप्रपातों और घने जंगलों से घिरा पर्यटन स्थल है। यह महोत्सव सरगुजा संभाग के पर्यटन को बढ़ावा देगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। पिछले वर्षों में ऐसे आयोजनों ने लाखों पर्यटकों को आकर्षित किया है। 2026版 में एडवेंचर स्पोर्ट्स, लोक नृत्य और सांस्कृतिक मेला प्रमुख आकर्षण होंगे। सरगुजा कलेक्टर और स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो की तैयारी जोरों पर है, जिसमें रोपाखार जलाशय के किनारे मुख्य पांडाल बनेगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

तीन दिवसीय उत्सव में छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य जैसे करमा, शैला, राउत नाचा और सुवा की मनमोहक प्रस्तुतियां होंगी। बॉलीवुड सिंगर्स जैसे पलक मुच्छल, रुप कुमार राठौड़ और अल्ताफ राजा की परफॉर्मेंस से माहौल रोमांचक बनेगा। भोजपुरी स्टार्स खेसारी लाल यादव, पवन सिंह जैसे कलाकार धूम मचाएंगे, जो स्थानीय युवाओं को खींचेंगे। हास्य कवि सुरेंद्र दुबे और क्लासिकल डांसर्स रित्विका बनर्जी भी शिरकत करेंगे। लोक कलाकारों को विशेष मंच मिलेगा, जिसमें आरू साहू, संजय सुरीला जैसे नाम शामिल हैं। पतंग उत्सव में ओडिशा-गुजरात के पतंगबाज आसमान रंगीन करेंगे। कठपुतली, मलखंभ और वाद्य यंत्र प्रदर्शन भी होंगे।

एडवेंचर और खेलकूद का रोमांच

महोत्सव में पैरा ग्लाइडिंग, वैली क्रॉसिंग, जूमरिंग, आर्चरी, नौकायन और साइकिल रेस जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स आयोजित होंगे। मैनपाट की ऊंचाई (3500 फुट) इन्हें रोमांचकारी बनाएगी। टाइगर पॉइंट, मछली पॉइंट और सरभंजा जलप्रपात के दर्शन के साथ पर्यटक रोपवे और ट्रेकिंग का लुत्फ लेंगे। स्कूल-कॉलेज छात्रों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं रखी गई हैं। विभागीय स्टॉल्स में सरकारी योजनाओं की जानकारी और हितग्राही वितरण होगा। मेले में स्थानीय हस्तशिल्प, आदिवासी व्यंजन और सांस्कृतिक बाजार सजेंगे।

पर्यटन विकास की पहल

मैनपाट को ‘छत्तीसगढ़ का शिमला’ या ‘छोटा तिब्बत’ कहने का कारण इसकी ठंडी जलवायु और तिब्बती संस्कृति है। दलाई लामा के दो यात्रा के बाद यहां बौद्ध मठ प्रसिद्ध हैं। महोत्सव से होटल व्यवसाय, ट्रांसपोर्ट और गाइड सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। सरकार 78 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण भी करेगी, जिसमें सड़क, पार्किंग और स्टेज सुधार शामिल हैं। सरगुजा संभाग के अन्य महोत्सवों जैसे तातापानी और झुमका की सफलता से प्रेरित यह आयोजन पर्यटन कैलेंडर का हिस्सा बनेगा। स्थानीय आदिवासी समुदायों को रोजगार मिलेगा। महोत्सव से स्थानीय कला को प्रोत्साहन मिलेगा। आदिवासी नृत्य और हस्तशिल्प वैश्विक मंच पाएंगे। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह भी आयोजित हो सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जाएगा, प्लास्टिक मुक्त अभियान चलेगा।

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