सहकारी समिति टेण्डा नावापारा में करोड़ों की गड़बड़ी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
घरघोड़ा पुलिस ने भेजा रिमांड पर
घरघोड़ा(गौरी शंकर गुप्ता)। सहकारी समिति टेण्डा नावापारा में किसानों के नाम पर बोगस धान खरीदी कर करोड़ों रुपये का गबन करने वाले सहायक समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर को घरघोड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा है। इस घोटाले में तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। मामला उस समय उजागर हुआ जब दिनांक 25 फरवरी 2025 को जिला खाद्य अधिकारी रायगढ़ द्वारा गठित जांच दल—खाद्य निरीक्षक घरघोड़ा और सहकारिता निरीक्षक घरघोड़ा—ने टेण्डा नावापारा स्थित धान उपार्जन केंद्र की जांच की। जांच में पाया गया कि केंद्र में 7159.60 क्विंटल धान, 4108 नग खाली नया बारदाना, 426 नग मिलर बारदाना और 1854 नग पीडीएस बारदाना का अभाव था। समिति को कुल 2 करोड़ 26 लाख 62 हजार 560 रुपये की आर्थिक क्षति का अनुमान लगाया गया। प्रकरण पर प्रार्थी विमल कुमार सिंह, अपेक्स बैंक तमनार, की रिपोर्ट पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 89/2025 धारा 316(5), 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में यह सामने आया कि सहायक समिति प्रबंधक मनोज गुप्ता, कंप्यूटर ऑपरेटर मुकेश यादव और समिति भृत्य दिलीप राठिया ने मिलीभगत कर किसानों के नाम पर बोगस खरीदी दर्शाई और राशि का आपस में बंटवारा कर लिया। विवेचना के दौरान पुलिस ने 8 सितंबर को आरोपी मनोज गुप्ता को ग्राम नावापारा टेण्डा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर गबन की राशि में से अपने हिस्से का पैसा निजी उपयोग में खर्च करना बताया। इसके बाद आज पुलिस ने दूसरे आरोपी मुकेश यादव को रायगढ़ रोड गेरवानी के पास घेराबंदी कर पकड़ा। उसने भी अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसे गबन की रकम में से लगभग दो लाख रुपये मिले थे जिन्हें उसने व्यक्तिगत खर्च में लगा दिया। आरोपी मुकेश यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस की कार्रवाई जारी है।
