खाना नहीं बनाने पर पत्नी को पीटा, मौत ; आरोपी पति को आजीवन कारावास

घरघोड़ा (गौरी शंकर गुप्ता)। अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने सुनाई हत्या के आरोपी पुलूराम कुम्हार को आजीवन कारावास की सजा और ₹1000 के अर्थ दंड से दंडित किया। पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार पुलूराम कुम्हार अपनी पत्नी सुकरी बाई को खाना नहीं बनाने की बात को लेकर विवाद कर रहा था और हाथ मुक्का से उसके साथ मारपीट किया था जिसके परिणाम स्वरुप उसकी मृत्यु हो गई।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि मृतिका सुकरी बाई कुम्हार के भाई नंदलाल कुम्हार ने थाना लैलूंगा में इस आशय की सूचना दी कि उसकी बड़ी बहन सुकरी बाई का विवाह ग्राम रूप डेगा के पुलूराम कुम्हार के साथ हुआ था जिनका कोई आल औलाद नहीं थे दिनांक 17 /10 /23 की सुबह 8:00 बजे उसका भतीजी दामाद लोहरा कुम्हार ने मोबाइल से सूचना दिया कि उसकी दीदी सुकरी बाई की मृत्यु हो गई है। तब वह ग्राम बोंकी से ग्राम रूप डेगा अपनी बहन के घर जाकर देखा, तो उसकी बहन सुकरी बाई खाट में चित पड़ी थी जिसके चेहरे गाल एवं शरीर में मार-पीट और चोट के निशान साफ दिखाई दे रहे थे ।

आस पड़ोस मोहल्ले में पूछताछ किया तो मोहल्ले वालों ने बताया कि 16/ 10/2023 की रात्रि 9:00 बजे पुलूराम कुम्हार अपनी पत्नी सुकरी बाई को खाना नहीं बनाने की बात को लेकर विवाद कर रहा था और हाथ मुक्का से उसके साथ मारपीट किया था जिसके परिणाम स्वरुप उसकी मृत्यु हो गई। सूचना कर्ता नंदलाल कुम्हार की उक्त सूचना के आधार पर थाना लैलूंगा में मर्ग क्रमांक 146/ 2023 के तहत मर्ग इंटीमेशन दर्ज किया गया तथा अभियुक्त के विरुद्ध अपराध क्रमांक 339/ 2023 धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

उप निरीक्षक मानकुंवर सिदार के द्वारा प्रकरण में सूक्ष्मता पूर्वक विवेचना कर अभियुक्त के मेमोरंडम दर्ज की गई जिसमें अभियुक्त ने अपनी पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया था तथा घटना में प्रयुक्त दरवाजा में लगने वाली लड़की की सिटकनी/बेडी को जप्त किया गया था, विवेचना अधिकारी ने अन्य साक्षियों के कथन लेखबद्ध किए तथा विवेचना उपरांत अभियुक्त पुलूराम कुमार के विरुद्ध धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। माननीय अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा में मामले की सुनवाई प्रारंभ की गयी ।सभी अभियोजन साक्षियों के बयान दर्ज किए गए तथा उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्ताओं के तर्क श्रवण करने के पश्चात विद्वान न्यायालय ने अभियुक्त पुलूराम को धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत उसकी पत्नी सुकरी बाई की हत्या के आरोप में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा₹1000 के अर्थ दंड से दंडित किए जाने का दण्डादेश दिया ।उल्लेखनीय है कि विद्वान न्यायालय ने मृतिका के विधिक वारिसानों को क्षतिपूर्ति के रूप में एक लाख रुपये विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से दिलाए जाने की अनुशंसा की है । प्रकरण में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा था।
