चातुर्मास : भजनों से गूंजा समारोह, आकर्षण रहा तपस्वियों का पूजन एवं चंदन-लेपन

रायपुर। भावोल्लास चातुर्मास समिति एवं विमलनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आज राजधानी रायपुर में भव्य श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से ओत-प्रोत वातावरण में आज शत्रुंजय, गिरनार एवं आदिनाथ भगवान के भजनों के साथ एक भव्य पूजन समारोह का आयोजन किया गया। सुप्रसिद्ध गायक अंकित लोढ़ा के सुरीले स्वरों में प्रस्तुत भजनों ने सम्पूर्ण वातावरण को भक्ति-रस से सराबोर कर दिया। भजन संध्या के दौरान उपस्थित जनमानस भगवान के चरणों में भाव-विभोर होकर झूम उठा। समारोह का विशेष आकर्षण तपस्वियों का पूजन एवं चंदन-लेपन रहा। तपस्वियों ने पहले भगवान का विधि-विधान से पूजन किया, जिसके पश्चात् सुमन देवी संजय अजय राजेश राजेश सिंघी परिवार द्वारा सभी तपस्वियों के मस्तक पर चंदन का लेपन कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुजन इस अद्भुत दृश्य को देख भाव-विभोर हो उठे।

पूजन के दौरान सुमन देवी (राजेश सिंघी परिवार) ने अपने करकमलों से सभी तपस्वियों के मस्तक पर शीतल चंदन का लेप लगाकर न केवल तपस्या की गरिमा को नमन किया, बल्कि सभी के हृदय में भक्ति और श्रद्धा का संचार किया। इस दौरान तपस्वियों के मस्तक पर हल्दी एवं चंदन के सुंदर मिश्रण से बना लेप लगते ही वातावरण में एक दिव्य आभा का संचार हो गया। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुजन लंबे समय तक इस मनमोहक दृश्य को निहारते रहे।


चंदन की शीतल सुगंध और भजनों की मधुर ध्वनि ने ऐसा आध्यात्मिक माहौल रचा कि हर कोई आत्मिक शांति और आनंद का अनुभव करने लगा। अंकित लोढ़ा के भजन “शत्रुंजय गिरनार की महिमा” और “जय आदिनाथ प्रभु”* के साथ जैसे ही पूजन की प्रक्रिया संपन्न हुई, सम्पूर्ण परिसर में “जय जिनेन्द्र” के स्वर गूंज उठे। यह दृश्य केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भक्ति, सेवा और संस्कारों का जीवंत उदाहरण था। समारोह में समाज के गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा एवं बालक-बालिकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में भक्ति और एकता की भावना को और अधिक प्रबल करते हैं। कार्यक्रम का समापन मंगल पाठ और आशीर्वचन के साथ हुआ। तपस्वियों के पूजन एवं भजनों की मधुरता से भरा यह दिन श्रद्धालुओं की स्मृतियों में लंबे समय तक अंकित रहेगा।

