गाँव-गाँव से आ रहा मिलावटी दूध, लोगों की सेहत से हो रहा खिलवाड़

घरघोड़ा(गौरी शंकर गुप्ता)। गाँव-गाँव से घरघोड़ा पहुँच रहे दूध विक्रेताओं द्वारा ‘गाय का शुद्ध दूध’ कहकर बेचा जा रहा तरल, असल में मिलावट का ज़हर साबित हो रहा है। हाल ही में प्राप्त एक तस्वीर में साफ़ देखा जा सकता है कि दूध में अत्यधिक झाग और असामान्य गाढ़ापन है, जो डिटर्जेंट, सिंथेटिक दूध या पानी की मिलावट की ओर संकेत करता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दूधवाले रोज़ाना सुबह-सुबह मोहल्लों में आकर “गाय का ताजा दूध है भैया” का राग अलापते हैं, लेकिन हकीकत में वे अपने मुनाफे के लिए लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

चिकित्सकों की चेतावनी
इस तरह का मिलावटी दूध बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे पेट के संक्रमण, उल्टी-दस्त, लिवर डैमेज, और दीर्घकालीन बीमारियाँ होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
कठोर कार्रवाई का जरुरत
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि अभी तक स्थानीय प्रशासन या खाद्य विभाग द्वारा कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। यदि समय रहते इन पर लगाम नहीं लगी तो यह मिलावटखोरी एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
जनता में आक्रोश
लोगों ने मांग की है कि दूध बेचने वालों की नियमित जांच हो, सैंपल लिए जाएं, और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वे बिना जांचे-परखे दूध न लें और संदिग्ध दूध के बारे में स्थानीय प्रशासन को तुरंत सूचित करें।
