नवा रायपुर के करीब 355 एकड़ में बनेगी नई टाउनशिप, भू-स्वामियों को मिलेगी 40% विकसित जमीन

रायपुर, 18 अगस्त 2026। नवा रायपुर के आसपास तेजी से हो रहे विकास के बीच रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने नई टाउनशिप योजना की दिशा में कदम बढ़ाया है। पिरदा और ग्राम तुलसी क्षेत्र की करीब 355 एकड़ जमीन को योजना में शामिल किया गया है। इसके लिए संबंधित भू-स्वामियों से दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।प्रस्तावित योजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, दोनों गांवों के कुल 879 भू-स्वामियों से दावे-आपत्तियां मंगाई गई हैं। योजना की अधिसूचना जारी होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


भू-स्वामियों को विकसित जमीन लौटाने का प्रावधान योजना की खास बात यह है कि इसमें भू-स्वामियों को उनकी जमीन के बदले 40 प्रतिशत विकसित भूमि वापस देने का प्रावधान रखा गया है। नियोजित विकास के बाद भू-स्वामियों को सड़क, बिजली, पानी, नाली और अन्य जरूरी सुविधाओं से युक्त जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।आरडीए ने इस पूरी प्रक्रिया को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।कमल विहार के बाद बड़ी टाउनशिप योजनाकरीब 16 साल बाद आरडीए की ओर से इतनी बड़ी टाउनशिप योजना लाई जा रही है। इससे पहले प्राधिकरण की प्रमुख टाउनशिप परियोजनाओं में कमल विहार शामिल रहा है।कमल विहार के अनुभव को ध्यान में रखते हुए नई योजना की रूपरेखा तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि पिछली परियोजना के दौरान सामने आई व्यावहारिक और वित्तीय चुनौतियों से सीख लेते हुए इस बार योजना को अधिक व्यवस्थित तरीके से लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र होंगे विकसितपिरदा-तुलसी टाउनशिप में आवासीय और व्यावसायिक उपयोग के लिए अलग-अलग क्षेत्र निर्धारित किए जाने की योजना है। इसके अलावा सड़क, जल निकासी, पेयजल, सीवरेज, बिजली और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी प्रावधान किया गया है।योजना में निजी निवेशकों की भागीदारी का विकल्प भी रखा गया है, जिससे क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।नवा रायपुर से नजदीकी का मिलेगा फायदापिरदा और तुलसी की लोकेशन नवा रायपुर के करीब होने के कारण इस क्षेत्र को भविष्य के शहरी विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई टाउनशिप विकसित होने के बाद यहां आवासीय गतिविधियों के साथ व्यापारिक और अन्य सुविधाओं के विस्तार की संभावना भी बढ़ सकती है।आरडीए का फोकस फिलहाल योजना की प्रारंभिक औपचारिकताओं को पूरा करने और भू-स्वामियों से प्राप्त दावे-आपत्तियों के निराकरण पर है। इसके बाद टाउनशिप के विकास की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।


