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रूस बोला- हमारे कच्चे तेल का कोई विकल्प नहीं : भारत को दे रहे 5% डिस्काउंट में

अमेरिका के 50% टैरिफ को गलत बताया



नई दिल्ली(ए)। रूस ने कहा हमें विश्वास है कि बाहरी दबाव के बावजूद भारत-रूस ऊर्जा सहयोग जारी रहेगा। रूस का कहना है कि उसके कच्चे तेल का कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि ये बहुत सस्ता है। आज यानी, 20 अगस्त को सीनियर रूसी डिप्लोमेट रोमन बाबुश्किन ने ये बात कही। उन्होंने कहा- रूसी कच्चे तेल पर भारत को करीब 5% की छूट मिल रही है। भारत इस बात को समझता है कि तेल आपूर्ति को बदलने का कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि इससे उसे बहुत ज्यादा मुनाफा हो रहा है। भारत पर अमेरिकी दबाव को भी रूस ने गलत बताया है। ये बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के रिश्ते बिगड़ रहे हैं। अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीदने के चलते 50% टैरिफ लगाया है।

रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा भारत

बाबुश्किन ने कहा- भारत के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है, लेकिन हमें भारत के साथ अपने रिश्तों पर भरोसा है। हमें विश्वास है कि बाहरी दबाव के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा। उन्होंने ने ये भी कहा कि अगर भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में नहीं जा सकते, तो वे रूस की तरफ जा सकते हैं।

अमेरिका बोला-भारत पर प्रतिबंध का मकसद रूस पर दबाव बनाना

अमेरिका ने रूस पर दबाव बनाने के लिए भारत पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लीविट ने इस बात की जानकारी दी। इससे पहले तक ट्रम्प प्रशासन रूस से तेल लेने पर भारत के खिलाफ की गई आर्थिक कार्रवाई को पैनल्टी या टैरिफ बताता रहा है।

रूस से तेल खरीदने पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया

ट्रम्प ने भारत पर अब तक कुल 50 टैरिफ लगाने का फैसला किया है। इसमें 25% रेसीप्रोकल यानी जैसे को तैसा टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर 25% पैनल्टी है। रेसीप्रोकल टैरिफ 7 अगस्त से लागू हो गया है, जबकि पेनल्टी 27 अगस्त से लागू होगी। रूसी तेल खरीद की वजह से भारत पर यह एक्शन लिया गया है।

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