बंदी संजय बघेल मौत मामला: CCTV व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने रखा पक्ष, दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच
रायगढ़ (गौरी शंकर गुप्ता)। थाना कोतरारोड में आबकारी एक्ट के मामले में गिरफ्तार बंदी संजय बघेल (32) की 13 जून को हुई मौत के मामले में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस का पक्ष रखा। उन्होंने थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज साझा करते हुए दावा किया कि गिरफ्तारी से लेकर जेल रवाना होने तक संजय बघेल के साथ किसी प्रकार की मारपीट या अभद्रता नहीं की गई।
पुलिस के अनुसार 10 जून को मुखबिर सूचना पर प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू एवं आरक्षक शंभू चौहान ने अरसीपाली चौक के पास संजय बघेल को 30 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़ा था। उसे दोपहर 12:43 बजे थाना लाया गया तथा 2:15 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की सूचना उसके भाई अजय बघेल को दी गई।
एसएसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में संजय बघेल को पानी व भोजन उपलब्ध कराते तथा परिजनों से बातचीत करते देखा जा सकता है। शाम को उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया, जहां उसने किसी चोट या तकलीफ की शिकायत नहीं की। मेडिकल रिपोर्ट में उसे फिट बताया गया। बाद में उसे दूसरे आरोपी सुभाष पटेल के साथ जेल भेजा गया, जहां परिवार का सदस्य राकेश बघेल भी मौजूद था।
मृतक के परिजनों ने पुलिस पर मारपीट और रुपये लेने के आरोप लगाए हैं। रुपये लेने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने जांचकर्ता प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। मामले की जांच डीएसपी मुख्यालय को सौंपी गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के संबंध में पुलिस ने बताया कि शरीर पर मिले चोट के निशानों को मृत्यु का कारण नहीं माना गया है। मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच और विसरा परीक्षण कराया जा रहा है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि मामले की न्यायिक जांच जेएमएफसी रायगढ़ द्वारा जारी है और पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
