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गौवंश की लगातार मौतों से धरसीवा में चिंता, बरखा लोकेश साहू ने उठाई आवाज

रिंग रोड-3 बना गौवंश के लिए ‘डेथ जोन’, एक सप्ताह में 28 गायों की मौत


रायपुर, छत्तीसगढ़। रायपुर-बिलासपुर रोड से विधानसभा रोड होते हुए मंदिर हसौद के राजू ढाबा मोड़ को जोड़ने वाले रिंग रोड-3 पर इन दिनों सड़क हादसे मूक पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। सड़क किनारे बसे गांवों और बस्तियों के कारण बड़ी संख्या में गौवंश सड़कों पर पहुंच रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से लगातार गायों की मौत हो रही है। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में इस मार्ग पर करीब 28 गौवंश की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है।मामले को लेकर धरसीवा जनपद सदस्य एवं गौसेवक बरखा लोकेश साहू ने गंभीर चिंता जताते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने की मांग की है। बरखा लोकेश साहू का कहना है कि लगातार मिल रही शिकायतों और जमीनी स्थिति को देखते हुए रिंग रोड-3 के संवेदनशील हिस्सों में वाहन चालकों की गति नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।

गति सीमा और सुरक्षा इंतजाम की मांग

बरखा लोकेश साहू ने कहा कि बिलासपुर रोड से मंदिर हसौद मार्ग तक प्रमुख स्थानों पर स्पीड लिमिट निर्धारित करने के साथ स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए। इससे वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद मवेशियों के प्रति सतर्क किया जा सकेगा और हादसों को रोकने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि केवल हादसे होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले से ऐसे स्थानों की पहचान कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए, जहां बड़ी संख्या में गौवंश सड़क पर बैठता है।

हादसे के बाद गौसेवक ही संभाल रहे जिम्मेदारी

बरखा लोकेश साहू ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क हादसे में मवेशियों की मौत या घायल होने के बाद अक्सर गौसेवक ही मौके पर पहुंचकर उन्हें सड़क से हटाने और उपचार की व्यवस्था करने में जुट जाते हैं।उनके अनुसार, कई बार गौसेवकों को अपने स्तर पर जेसीबी, वाहन और चिकित्सकीय सहायता की व्यवस्था करनी पड़ती है। सीमित संसाधनों के बावजूद गौसेवक लगातार घायल और बेसहारा मवेशियों की मदद कर रहे हैं।

24 घंटे पशु रेस्क्यू वाहन की मांग

बरखा लोकेश साहू ने नगर निगम रायपुर, एनएचएआई और संबंधित विभागों से रिंग रोड-3 के संवेदनशील हिस्सों में 24 घंटे पशु रेस्क्यू वाहन या एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही सड़क पर घूमने या बैठने वाले मवेशियों को सुरक्षित स्थानों, गोठानों अथवा कांजी हाउस तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही है।उन्होंने घायल गौवंश के उपचार के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और हादसे में मृत मवेशियों को समय पर सड़क से हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

बरखा लोकेश साहू ने कहा कि गौवंश की सुरक्षा केवल पशुप्रेमियों या गौसेवकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि संबंधित सरकारी विभागों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रिंग रोड-3 पर गौवंश की सुरक्षा और सड़क हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो गौसेवकों और ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।बरखा लोकेश साहू ने कहा कि सड़क सुरक्षा के साथ-साथ मूक पशुओं की जान बचाना भी प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अब जरूरत केवल आश्वासन की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर तत्काल कार्रवाई की है।

News Desk

वेब पोर्टल: NewsTerminal स्वामी/ओनर: Shalini Dubey ईमेल: Newsterminaldesk@gmail.com वेबसाइट: www.newsterminal.in

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