रायगढ़ वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: पंजाब-हरियाणा तक फैले खैर लकड़ी तस्करी गिरोह का भंडाफोड़
अंतरराज्यीय नेटवर्क ध्वस्त, ट्रक जब्त, चालक गिरफ्तार

घरघोड़ा (गौरी शंकर गुप्ता)। रायगढ़ जिले में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के तार छत्तीसगढ़ से लेकर पंजाब और हरियाणा तक जुड़े पाए गए हैं। कार्रवाई के दौरान खैर की बेशकीमती लकड़ी से भरा ट्रक जब्त किया गया और चालक को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग को 16 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली कि खैर की अवैध लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही रायगढ़ वन मंडलाधिकारी के निर्देशन में उप वनमंडलाधिकारी तन्मय कौशिक, वन परिक्षेत्राधिकारी संजय लकड़ा एवं उड़नदस्ता प्रभारी संदीप नामदेव की टीम ने दबिश दी। लकड़ी से लदा ट्रक (क्रमांक CG-06 2022) चंद्रपुर मार्ग की ओर भागने लगा, जिस पर विभाग ने घेराबंदी कर कार्रवाई की। पीछा करने के दौरान चालक ने ट्रक की रफ्तार बढ़ाकर बचने की कोशिश की, लेकिन टीम की सतर्कता से उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी चालक मेलाराम ने स्वीकार किया कि गिरोह आसपास के जंगलों से खैर की लकड़ी काटकर सहसपुरी में डंप करता था। इसके बाद लकड़ी को चांपा के अकलतरा भांटा क्षेत्र स्थित एक गोदाम में भेजा जाता था।
रात करीब एक बजे रायगढ़ वन विभाग की टीम ने चांपा वन विभाग के सहयोग से उक्त गोदाम में संयुक्त छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद की गई। जब्त लकड़ी की बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी गई है। जांच में सामने आया कि रायगढ़-चांपा को केंद्र बनाकर लकड़ी को पंजाब और हरियाणा में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। वन विभाग के अनुसार गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। जंगलों में रात के समय अवैध कटाई कर लकड़ी को ट्रकों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में भेजा जाता था। नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर लकड़ी काटने वाले, गोदाम संचालक और बाहरी खरीदार शामिल थे। फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के तहत आरोपियों के विरुद्ध वन अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ट्रक और लकड़ी जब्त कर ली गई है। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अवैध वन गतिविधि की सूचना मोबाइल नंबर 99263-21401 या टोल-फ्री 1800-233-2631 पर दें। वन अधिकारियों ने कहा कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
