घरघोड़ा में अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन का प्रदर्शन, 11सूत्रीय मांगों लेकर सौंपा ज्ञापन
घरघोड़ा (गौरी शंकर गुप्ता)। छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में विकासखंड मुख्यालय जिला मुख्यालय में 11 सूत्री मांग को लेकर अधिकारी एवं कर्मचारियों ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सोपा, घरघोड़ा में बहुत संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित होकर संयोजक संतोष कुमार पांडे के नेतृत्व में अनुभागीय अधिकारी राजस्व श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सोपा अधिकारी एवं कर्मचारियों में अपने मांगों के प्रति बहुत उत्साह था एवं लंबे समय से पूर्ण न होने के कारण यह कदम उठाया गया है
प्रमुख मांगों निम्नानुसार है । *जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित करने, प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान क्रमशः 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष में प्रदान करने मध्यप्रदेश की भांति अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने हेतु पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर समस्त सेवा लाभ देने।

- सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान प्रदान करने की मांग भी उठाई है।
- अनुकंपा नियुक्ति को निःशर्त लागू करने, 10 प्रतिशत की वर्तमान सीमा समाप्त कर सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने,
- *पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने, तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन और समयबद्ध पदोन्नति देने की भी मांग की है।
- सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, *कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करने,
- *आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली एवं सेवानिवृत्ति उपरांत संविदा नियुक्ति तत्काल बंद करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है।
- * विभागों में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की अनुमति देने की भी मांग की गई है।
- ज्ञापन सौंपते समय सभी विभाग के कर्मचारी अधिकारी जिसमें स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग,राजस्व विभाग,पटवारी पी एच ई,आर ई एस,पी डब्लू डी, पंचायत विभाग के साथ सभी संवर्ग के कर्मचारी अधिकारी बहुत संख्या में उपस्थित थे।
