विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बड़ी कार्रवाई: जशपुर के ग्राम पंचायत सौगड़ा में 14 बच्चों को बाल मजदूरी से कराया गया मुक्त
जशपुर (गौरी शंकर गुप्ता) । विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिले के ग्राम पंचायत सौगड़ा में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए कार्यरत संगठन समर्पित एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन ने पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग से विशेष अभियान चलाकर 14 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया। यह कार्रवाई राज्य शासन द्वारा जून माह को बाल मजदूरी विरोधी ‘एक्शन मंथ’ के रूप में मनाने के निर्देशों के तहत की गई।
अभियान के दौरान विभिन्न वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग के 14 बच्चों को मुक्त कराया गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इन बच्चों से अत्यंत कठिन एवं शोषणकारी परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था। बच्चों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वातावरण में लंबे समय तक कार्य करने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
बच्चों को मुक्त कराए जाने के बाद संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही पीड़ित बच्चों को पुनर्वास, मुआवजा, शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस अवसर पर समर्पित एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन के निदेशक डॉ. संदीप शर्मा ने कहा, “शोषण और बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए प्रत्येक बच्चे के शिक्षा, सुरक्षा और गरिमा के अधिकार की पुनः बहाली हुई है। बाल श्रम बच्चों से उनका बचपन और मूल अधिकार छीन लेता है। बच्चों का स्थान ढाबों और फैक्ट्रियों में नहीं, बल्कि स्कूलों में है। ट्रैफिकिंग और बाल मजदूरी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं, इसलिए हम जिला प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर इस समस्या के उन्मूलन के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक मुक्त कराए गए बच्चे के समुचित पुनर्वास, देखभाल और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) नेटवर्क से जुड़े इस संगठन ने जिले में बाल श्रम के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि, सामुदायिक नेता और ग्रामीणों ने भाग लिया।
अभियान को सफल बनाने में ग्राम पंचायत सौगड़ा की सरपंच बांधो बाई, जिला समन्वयक अंजली ताम्रकार, बबीता ताम्रकार तथा अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने बाल अधिकारों की रक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।
सरपंच बांधो बाई ने कहा, “गांव और समाज के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए पंचायत स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।”
जिला समन्वयक अंजली ताम्रकार ने कहा, “बाल श्रम के खिलाफ यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर चलने वाला प्रयास है। समाज के हर वर्ग को इसमें अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।”
बबीता ताम्रकार ने कहा, “बाल मजदूरी रोकने के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। यदि कहीं भी बच्चों से मजदूरी कराई जाती है तो उसकी जानकारी तत्काल प्रशासन और संबंधित संस्थाओं को देनी चाहिए।”
गौरतलब है कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नेटवर्क देशभर में बाल तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। नेटवर्क के सहयोगी संगठनों के साझा सूचना तंत्र और समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच देशभर में 1.45 लाख से अधिक बच्चों को तस्करी एवं शोषण से मुक्त कराया जा चुका है।
