मैनपाट को मिलेगा पर्यटन-आवास विकास का नया आयाम, अटल विहार योजना के तहत 12 एकड़ भूमि आवंटित
अंबिकापुर/घरघोड़ा(गौरी शंकर गुप्ता)
सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में पर्यटन और आवास विकास को नई गति देने वाला एक ऐतिहासिक निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। छत्तीसगढ़ शासन के आदेश क्रमांक 04/अ-19/2025-26, दिनांक 14 जनवरी 2026 के तहत सरगुजा कलेक्टर द्वारा 4.80 हेक्टेयर (लगभग 12 एकड़) भूमि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को अटल विहार योजना के अंतर्गत आवंटित की गई है। इस भूमि पर आधुनिक पर्यटन-आवासीय परिसर विकसित किया जाएगा, जिससे मैनपाट राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से उभरेगा।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने इस निर्णय को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए “मील का पत्थर” बताया है। उन्होंने कहा कि बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए मैनपाट जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थल पर गुणवत्तापूर्ण आवास और सुविधाओं का विकास अत्यंत आवश्यक था।
‘छत्तीसगढ़ का शिमला’ मैनपाट
समुद्र तल से लगभग 3,300 फीट की ऊंचाई पर स्थित मैनपाट अपनी ठंडी जलवायु, हरियाली, मनोरम घाटियों और तिब्बती बस्ती के लिए प्रसिद्ध है। उलटा जलप्रपात, कामा बिस्नु मंदिर, मछली पालन जलाशय और ट्रेकिंग रूट्स यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। बीते दो वर्षों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है, लेकिन सीमित आवास सुविधाओं के कारण अधिकांश पर्यटक एक ही दिन में लौटने को मजबूर होते हैं। नई परियोजना से मैनपाट लंबे ठहराव वाला पर्यटन केंद्र बनेगा, जिससे स्थानीय आदिवासी समुदाय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।
अटल विहार योजना की विशेषताएं
अटल विहार योजना छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की फ्लैगशिप योजना है, जिसके तहत राज्यभर में एक लाख किफायती आवासों का निर्माण किया जा रहा है। योजना में 1BHK से 3BHK तक के आवास उपलब्ध हैं, जिनकी शुरुआती कीमत लगभग 6 लाख रुपये है। मैनपाट परियोजना को पर्यटन-केंद्रित स्वरूप दिया जाएगा, जिसमें आवास के साथ-साथ वेलनेस और मनोरंजन सुविधाएं भी शामिल होंगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और आवंटन पारदर्शी लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा।
वेलनेस और ईको-टूरिज्म का संगम
परियोजना में केरल मॉडल का अत्याधुनिक वेलनेस सेंटर प्रमुख आकर्षण होगा, जिसमें आयुर्वेदिक पंचकर्म, हर्बल स्पा और योग केंद्र शामिल रहेंगे। 24×7 क्लब हाउस में जिम, स्विमिंग पूल, किड्स ज़ोन, मिलेट्स कैफे और स्टीम बाथ जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही पर्यावरण-अनुकूल ट्री हाउस, कॉटेज और सांस्कृतिक अनुभव केंद्र स्थानीय कला व संस्कृति को बढ़ावा देंगे। निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की संभावना है और 2027 तक परिसर के संचालन में आने की उम्मीद जताई जा रही है।
रोजगार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा
प्रभारी मंत्री एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के प्रयासों की सराहना करते हुए अध्यक्ष सिंहदेव ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी युवाओं के लिए इससे उत्पन्न होने वाले अवसरों पर जोर दिया है। निर्माण चरण में सैकड़ों नौकरियां पैदा होंगी, जबकि संचालन के दौरान हॉस्पिटैलिटी, गाइड और सहायक सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा।
