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अवैध स्क्रैप पर रायगढ़ पुलिस का शिकंजा: 1.60 करोड़ का माल जब्त, 9 वाहनों से 140 टन पकड़ा

घरघोड़ा (गौरीशंकर गुप्ता)।  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने अवैध स्क्रैप तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ओडिशा से लाए जा रहे 140 टन स्क्रैप को 9 वाहनों में लोड कर गेरवानी और पूंजीपथरा क्षेत्र में उतारने की सूचना पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में कुल 1.60 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई, जिससे अपराधियों के होश उड़ गए। यह घटना जिले में संगठित स्क्रैप माफिया के खिलाफ पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है।



पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि ओडिशा के झारसुगुड़ा और संभालपुर क्षेत्रों से ट्रक, माजदा वाहन और पिकअप में लोहा, टीन शीट्स, टूटे-फूटे मोटर पार्ट्स व अन्य स्क्रैप लोड कर रायगढ़ लाया जा रहा है। ये वाहन रात के अंधेरे में गेरवानी के जंगलों और पूंजीपथरा के गोदामों की ओर बढ़ रहे थे। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम ने जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित इन इलाकों में घेराबंदी की। रात 11 बजे चेकिंग के दौरान 9 वाहन रुकवाए गए, जिनकी तलाशी में भारी मात्रा में बिना कागजात वाला स्क्रैप बरामद हुआ।

स्क्रैप में मुख्य रूप से पुरानी रेल पटरी के टुकड़े, फैक्ट्री से चुराए गए लोहे के पुर्जे और टूटे ट्रांसफॉर्मर शामिल थे। वाहनों के चालक-खलासी ने कोई वैध परमिट या रसीद नहीं दिखाई, जिसके आधार पर पूरी संपत्ति जब्त कर ली गई। वाहनों की कुल कीमत 50 लाख और स्क्रैप का मूल्य 1.10 करोड़ आंका गया। पुलिस ने मौके पर ही माल जब्त कर थाने ले गई।

कार्रवाई में 12 लोग गिरफ्तार हुए, जिनमें 6 चालक, 4 खलासी और 2 मध्यस्थ शामिल हैं। मुख्य आरोपी ओडिशा का रहने वाला स्क्रैप कारोबारी पवन साहू है, जो रायगढ़ के स्थानीय बिचौलियों के साथ मिलकर यह धंधा चला रहा था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि स्क्रैप को बिहार और उत्तर प्रदेश के बाजारों में ऊंचे दाम पर बेचा जाता था। मासिक कारोबार 5 करोड़ से अधिक का था। पुलिस ने इनके पास से 2 लाख नकद, 5 मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए।

एसएसपी ने कहा, “यह अंतरराज्यीय स्क्रैप तस्करी का बड़ा नेटवर्क था। हमारी मुखबिर प्रणाली ने इसे सफल बनाया।” आरोपी IPC की धारा 379 (चोरी), 420 (धोखाधड़ी) और वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज कर पूछताछ कर रही है। ओडिशा पुलिस से संपर्क कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई।

स्क्रैप तस्करी का काला कारोबार

रायगढ़ जिले में स्क्रैप तस्करी लंबे समय से समस्या बनी हुई है। ओडिशा की खदानों और फैक्ट्रियों से चुराया गया माल सस्ते दाम पर स्थानीय लोहा व्यापारियों को बेचा जाता है। यह कारोबार न केवल चोरी को बढ़ावा देता है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है क्योंकि बिना रिसाइक्लिंग के जंगल और नदियों में फेंका जाता है।

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