शत्रुंजय महातप को लेकर भारी उत्साह, 100 से अधिक श्रावक तथा श्राविका करेंगे कठिन तप
श्री विमलनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट तथा भावउल्लास चातुर्मास समिति के संयुक्त तत्वाधान से भव्य आयोजन

रायपुर। शत्रुंजय महातप को लेकर मंगलवार 15 जुलाई को धर्म अनुयायियों में भारी उत्साह देखने को मिला। श्री विमलनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट तथा भावउल्लास चातुर्मास समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित होने वाले इस महातप में 100 से अधिक श्रावक तथा श्राविका शामिल हुए।

मंगलवार को इस तप का उत्तर पारणा था, जो शाम के नाकोड़ा भैरव समिति के सामुदायिक भवन में आयोजित किया गया, जिसमें साधु भगवंत परम पूज्य जयपाल श्री जी, परम पूज्य प्रियदर्शी श्री जी, परम पूज्य तीर्थ प्रेम विजय जी व साध्वी भगवंत मान परम पूज्य अक्षय निधि जी आदि साध्वी भगवंत जी के आशीर्वाद के पश्चात उत्तर पारण प्रारंभ हुआ। उल्लेखनीय की साधु भगवंत जी के सानिध्य में विगत वर्ष सिद्धि तप का आयोजन किया गया था जिसमें भी 100 से अधिक तपस्वी ने तप किया। शत्रुंजय महातप कल से प्रारंभ होगा, इस महातप में दो तेला तथा 7 बेला एवं 9 व्यसना किया जावेगा। इस प्रकार कुल 29 दिवस का यह तप होगा। इस तप का पारणा 15 अगस्त को भावपूर्ण तथा अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न होगा। परम पूज्य साधु भगवंत तीर्थ प्रेम विजय जी ने तपस्वियों को आशीर्वचन दिया तथा पारण स्थल पर आकर उन्हें वासुक्षेप प्रदान किया। 16 जुलाई बुधवार प्रातः से भावपूर्वक संगीत में वातावरण में तपस्वियों के द्वारा शत्रुंजय तप प्रारंभ किया जावेगा नाकोड़ा भैरव सोसायटी में स्थित विमलनाथ मंदिर ट्रस्ट के श्री रवि दोषी व सुरेश बाघमार ने बताया ट्रस्ट के लिए यह पहला अवसर है कि इतनी बड़ी संख्या में इस महत्वपूर्ण और कठिन तप को करने के लिए श्रावकों में भारी उत्साह है।
