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थायराइड की दवाई ले रहे हैं तो ना करें ये गलतियां

हर साल जनवरी में मनाया जाता है ‘थायराइड जागरूकता माह’



अनियमित दिनचर्या और तनावपूर्ण जीवन शैली के चलते थायराइड की समस्या आजकल आम हो चुकी है। देखा जाए तो दिन पर दिन जितनी अधिक मेडिकल सुविधाएं बढ़ती जा रही हैं, वहीं थायराइड से पीड़ित लोगों की दवाइयों के सेवन पर निर्भरता भी बढ़ती जा रही है। दरअसल, इसकी वजह थायराइड के संबंध में सही जानकारी का अभाव है। असल में लोग या तो सही समय पर थायराइड की समस्या की पहचान नहीं कर पाते हैं या फिर दवाईयों के सेवन को लेकर लापरवाही बरतते हैं। नतिजन उन्हें इन दवाईयों का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। ऐसे में थायराइड के बारे में लोगों में जागरूकता बेहद जरूरी है। थायराइड के दवाईयों के सेवन से जुड़ी कुछ सावधानियों के बारे में आपको जानना जरूरी है ताकि आप इन गलतियों से बच सकें।
गौरतलब है कि हर साल जनवरी का महीना ‘थायराइड जागरूकता माह’ के रूप में मनाया जाता है। इस बार भी जनवरी में ‘थायराइड जागरूकता माह’ के तहत, थायराइड को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस दिशा में जानिए थायराइड की दवा लेने के सही समय और सही तरीका।
कैसे काम करती है थायराइड की दवा?
थायराइड की दवाई को लेकर जुड़ी सावधानियों को जानने से पहले आपको ये जानना चाहिए कि यह किस तरह से काम करती है। आपको बता दें कि थायराइड एक तरह से एक हार्मोनल असंतुलन की स्थिति है, जिसमें गले में मौजूद थायराइड ग्लैंड से थायराइड हार्मोन का अनियंत्रित स्त्राव होता है। इस स्थिति में या तो थायराइड हार्मोन का स्त्राव कम हो जाता है या बढ़ जाता है। वहीं इस हार्मोनल बदलाव का हमारी सेहत पर नकारात्मक असर होता है, जिसके कारण थकान और अनियंत्रित वजन की समस्या पेश आती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर थायराइड हार्मोन को संतुलित करने के लिए दवा की सलाह देते हैं। यह दवा आपके शरीर में थायराइड हार्मोन को संतुलित करने का काम करती है, जिससे आप थायराइड हार्मोन के असंतुलन से होने वाले दुष्प्रभावों से बच सकें। गौरतलब है कि थायराइड के रोगी को यह दवा हर रोज लेनी होती है, ताकि पूरी तरह से थायराइड हार्मोन के असंतुलन पर नियंत्रण पाया जा सके। अब उन सावधानियों के बारे में जान लेते हैं, जो इस दवा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जरूरी है।
दवा की डोज का खास ध्यान रखें
थायराइड के रोगी को नियमित अंतराल पर अपनी थायराइड की जांच करानी चाहिए और उसके अनुसार ही डॉक्टर की सलाह पर दवा की डोज लेनी चाहिए। दरअसल, डॉक्टर आपके शरीर में थायराइड के स्तर को ध्यान में रखते हुए डोज निर्धारित करते हैं। इसलिए खुद से दवा की डोज कभी निर्धारित न करें।

दवा के सेवन के समय का ध्यान रखें
थायराइड की दवा से जुड़ी सबसे बड़ी सावधानी इसके सेवन के समय का ध्यान रखना है। दरअसल, थायराइड की दवा सुबह के वक्त खाली पेट खाने की सलाह दी जाती है ताकि ये बॉडी में अच्छी तरह से अब्जॉर्ब हो सके।
दवा लेने के बाद आधे घंटे तक कुछ न खाएं
थायराइड की दवा लेते इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए इस दवा के सेवन के आधे घंटे बाद तक आप कुछ न खाएं। दवा के सेवन के आधे घंटे बाद ही आप चाय या नाश्ता ले सकते हैं।

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