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‘ऑपरेशन सिंदूर’ : भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ट्रेनिंग सेंटर-लॉन्चपैड किया तबाह

नई दिल्ली(ए.)। जम्मू-काश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक की है. जिसे सेना ने ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया है. सेना ने 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसमें  जैश-ए-मोहम्मद के 4, लश्कर-ए-तैयबा के 3 व हिजबुल मुजाहिदीन के 2 आतंकी को जमीदोंज कर दिया गया है.



भारतीय सेना ने बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर रहे मरकज सुभान को निशाना बनाया है. बहावलपुर शहर जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ है. इसके साथ ही भारत ने मुरीदके शहर के उमालकुरा मस्जिद को भी निशाना बनाया है. मुरीदके को लश्कर-ए-तैयबा का अहम केंद्र माना जाता है.  मुरीदके में ही लश्कर का मरकज-ए-तैयबा परिसर है. जहां आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती है. इसके अलावा भारत ने मुजफ्फराबाद में बिलाल मस्जिद व कोटली में अब्बत मस्जिद को निशाना बनाया है. मरकज सुभान अल्लाह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर शहर के बाहरी इलाके में मौजूद है. यहां युवाओं को प्रशिक्षित और ब्रेनवॉश किया जाता है. यह लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है.

-14 फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की प्लानिंग यही हुई थी. पुलवामा हमले के आतंकियों को इसी कैंप में प्रशिक्षण दिया गया था.
-इस मरकज में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर, मौलाना अम्मार व 600 से अधिक सदस्यों का घर है.
-मरकज तैयबा, मुरीदके पंजाब, लश्कर का कैंप, लादेन ने फंडिंग दी थी

पाकिस्तान में लश्कर का सबसे अहम ट्रेनिंग सेंटर, एरिया-82 एकड़-
ओसामा बिन लादेन ने 1 करोड़ रुपए की फंडिंग की थी. अजमल कसाब सहित 26/11 मुंबई हमले के सभी अपराधियों को यहां ट्रेनिंग मिली थी. यहां पाकिस्तान ही नहीं दूसरे देशों से आए आतंकियों को भी ट्रेनिंग मिलती है. लश्कर का मास्टरमाइंडर माने जाने वाले आमिर हमजा, अब्दुल रहमान आबिद व जफर इकबाल यहीं रहते हैं.

सरजाल ए तहरा कलां फैसिलिटी, जैश की अहम लॉन्चिंग साइट-
इसी जगह से भारत-पाक सीमा के नीचे सुरंगों की खुदाई कराई जाती हैं, जिनका इस्तेमाल आतंकियों की घुसपैठ के लिए होता है. यह सेंटर भारतीय सीमा (सांबा सेक्टर) जम्मू से सिर्फ 6 किमी दूर है. यहां से ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद व ड्रग्स भारत में गिराए जाते हैं. यह सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की आड़ में चलाया जाता है जहां 20 से 25 आतंकी हमेशा तैनात होते हैं.

-महमूना जोया, सियालकोट, हिजबुल मुजाहिद्दीन का ट्रेनिंग कैंप
पंजाब (पाकिस्तान) में कोटली भुट्टा सरकारी अस्पताल के पास स्थित है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की मदद से स्थापना हुई. आतंकियों को भारत में घुसपैठ करने व हथियारों की तस्करी की ट्रेनिंग दी जाती है. यहां हिजबुल मुजाहिद्दीन व जैश-ए-मोहम्मद के लड़ाके ट्रेनिंग लेते हैं. मोहम्मद इरफान खान, अबू लाला, माज भाई व इरफान घुम्मन जैसे हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी यहां से ऑपरेट करते हैं. यहां आम तौर पर 25 से 30 आतंकी रहते हैं. मरकज अहले हदीस, बरनाला, लश्कर-ए-तैय्यबा का बड़ा अड्डा है. पुंछ, राजौरी, रियासी सेक्टर में आतंकियों व हथियारों की घुसपैठ के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. आतंकियों को भारत में घुसपैठ से पहले यहीं पर लाकर ठहराया जाता है.  आमतौर पर यहां 40दृ50 आतंकी रहते हैं. कासिम गुज्जर, कासिम खांडा, अनस जर्रार, खुबैब (मोहम्मद अमीन बट) यहां कई बार आ चुके हैं.

-मरकज अब्बास, कोटली, जैश का प्रमुख सेंटर-
-यह कोटली शहर में मिलिट्री कैंप से 2 किमी दूर मौजूद है.
-इस इमारत में 100 से 125 जैश के कैडर के ठहरने की क्षमता है.
-हाफिज अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार इसका प्रमुख है. जर्रार जैश-ए-मोहम्मद की शूरा काउंसिल का सदस्य है.
-जर्रार को 2016 में जम्मू के नगरोटा स्थित भारतीय सेना शिविर पर हमले के मामले में वांटेड बनाया है.
-मस्कर राहील शाहिद, कोटली, हिजबुल का ट्रेनिंग सेंटर

पाकिस्तान के रक्षामंत्री ने किया दावा-
इधर पाक रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि उन्होंने 5 भारतीय फाइटर जेट को मार गिराया है. जिनमें 3 राफेल, 1 सुखोई व 1 मिग-29 शामिल हैं. ख्वाजा ने कुछ भारतीय सैनिकों को हिरासत में लेने की बात भी कही थी. हालांकि बाद में आसिफ ने सफाई देते हुए कहा कि कोई भी भारतीय सैनिक हिरासत में नहीं लिया गया है. पाकिस्तान सेना ने अपने बयान में कहा कि भारतीय हमले में 26 लोगों की मौत हुई है. बयान के मुताबिक भारत ने 6 अलग-अलग इलाकों में कुल 24 मिसाइलें दागीं हैं. भारतीय एयरस्ट्राइक पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी प्रतिक्रिया दी है. एक्स पर पोस्ट करते हुए शहबाज ने लिखा कि भारत ने पाकिस्तान में 5 जगहों को निशाना बनाया है. शहबाज ने कहा कि हमारे पास भारतीय हमले का जवाब देने का पूरा अधिकार है.

भारत ने कहा, पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया-
इंडियन आर्मी ने कहा कि पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया. आतंकी ठिकाने को निशाना बनाया गया है. यह एक संयुक्त सैन्य अभियान था, जिसमें भारतीय सेना और वायु सेना ने मिलकर सटीक हमला करने वाले हथियारों का इस्तेमाल किया.

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