बिरनपुर हिंसा : कांग्रेस ने भाजपा पर जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने का लगाया आरोप
रायपुर। बिरनपुर हिंसा मामले में सीबीआई द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के साथ एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हो गई है। कांग्रेस ने तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को निशाने पर लेते हुए वोटों के ध्रुवीकरण के लिए घटना को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाते हुए मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बिरनपुर हिंसा मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल चार्टशीट को लेकर कहा, बिरनपुर मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल जार्च शीट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि दो पक्षों के बीच आपसी झगड़ा था, जिसने बढ़ते-बढ़ते सांप्रदायिक रूप ले लिया। इसमें कोई राजनीतिक हाथ नहीं था, लेकिन उस समय बीजेपी ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए कांग्रेस पर झूठा आरोप लगाया था। सीबीआई जांच के बिन्दु भाजपा सरकार ने तय किए थे। यदि जांच के बिन्दु में घटना के बाद का राजनैतिक षडयंत्र होता, तो भाजपा बेनकाब हो जाती। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बिरनपुर मामले में सीबीआई की चार्जशीट से साफ हो गया कि उस समय भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार और कांग्रेस पार्टी पर जो आरोप लगाया था, वह झूठा था। यह आरोप भाजपा की चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से की गई राजनैतिक साजिश थी। सीबीआई की चार्जशीट ने भाजपा का काला चेहरा सामने रख दिया। भाजपा ने उस समय घटना को सांप्रदायिक और जातीय रंग देकर राजनैतिक लाभ लेने का षडयंत्र रचा था। तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने घटना के बाद वहां जा कर पूरे घटना क्रम को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया और उसमें वे सफल भी रहे। अरुण साव जब घटना स्थल गये थे, तब उनके सामने आगजनी की गयी थी, उन्होंने वहां पर भड़काऊ भाषण दिये थे।

