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भाजपा की सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदना नहीं चाहती, इसलिए नहीं दे रही टोकन : कांग्रेस



कांग्रेस सरकार में किसानों को धान बेचने में कोई दिक्कत नहीं होती थी

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रू क्विंटल  की  दर से खरीदना नहीं चाहती। इसलिए किसानों को धान बेचने के लिए टोकन नहीं दिया जा रहा है। धान संग्रहण केंद्र में किसानों को टोकन के लिए 15 दिन बाद बुलाया जा रहा है ताकि समय निकलने के बाद किसान अपने धान बेचने से वंचित हो जाए और धान की सूखत का भी नुकसान किसानों को हो.

  प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार से कोई समस्या नहीं होती थी समय पर टोकन मिलता था भुगतान होता था बारदाना मिलता था और किसानों से वादा अनुसार धान की खरीदी होते रही है। कांग्रेस की सरकार ने चुनाव आचार संहिता लगने के पहले ही किसानों की धान खरीदी की समस्त व्यवस्थाएं कर दी थी 20 कुंटल धान खरीदी का आदेश भी जारी हुआ था पर्याप्त मात्रा में बारदाना की व्यवस्था की थी एवं किसानों को भुगतान के लिए पर्याप्त राशि की व्यवस्था की थी इसके बावजूद भाजपा की सरकार किसानों से धान खरीदने में आनाकानी कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा का चरित्र ही किसान विरोधी है बड़ी-बड़ी बात कर लोक लुभाने वादे कर सत्ता में जरूर आ गई है सत्ता मिलते ही भाजपा के मन में बैठा किसान विरोधी चरित्र भी सामने आ गया है 2 साल का बोनस देने का वादा कर किसानों को मात्र 1 साल का बोनस दिया गया है और कई किसानों को 1 साल का बोनस भी नहीं मिला है। भाजपा ने चुनाव के दौरान प्रत्येक किसानों को 2 लाख तक कर्ज माफी का वादा किया था आज भाजपा नेता उस वादे से मुकर रहे है।

   प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी करें राज्य के अंतिम किसान से धान की खरीदी नहीं हो जाती तब तक धान की खरीदी करें और किसानों को मांग के अनुसार टोकन और बारदाना दे धान बेचने वाले किसानों को वादा अनुसार 3100 रुपए की राशि एक मुश्त ग्राम पंचायत में देवें, न्याय योजना की चौथी किस्त की राशि जो सरकार के खजाने में जमा है वह भी किसानों को तत्काल जारी करें।

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