
आरंग शिक्षक हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा; रेत, रियल एस्टेट और बुलियन ट्रेडिंग में पार्टनर था आरोपी, VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट से खुला राज
रायपुर/आरंग, 18 सितंबर 2026। आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम बनचरौदा के पास हुई शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में मृतक के साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच रेत, रियल एस्टेट और बुलियन मार्केट में निवेश एवं ट्रेडिंग से जुड़े पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। करीब 30 लाख रुपये की उधारी और तीन महीने के ब्याज को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने कथित तौर पर हत्या की योजना बना ली।
बनचरौदा के पास मिला था शिक्षक का शव
17 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बनचरौदा के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। मृतक के सिर और चेहरे पर धारदार एवं कठोर वस्तु से गंभीर चोट के निशान मिले थे। मृतक की पहचान शिवकुमार चंद्राकर (46), निवासी रामपुर डंगनिया, थाना गोबरा नवापारा, जिला रायपुर के रूप में हुई।घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और साइबर टीम की मदद से घटनास्थल की जांच की गई। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया।
साथी शिक्षक पर शक,CCTV और VSK ऐप ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक शिवकुमार चंद्राकर और संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा ग्राम कुम्हारी के स्कूल में शिक्षक हैं। ग्रामीणों और गांव के चरवाहे ने पुलिस को बताया कि मृतक को आखिरी बार चंद्रप्रकाश वर्मा के साथ सफेद स्कूटी पर बनचरौदा की ओर जाते देखा गया था।इसके बाद पुलिस ने कुम्हारी स्कूल के CCTV फुटेज खंगाले। साथ ही शिक्षा विभाग के VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट का भी विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि 17 सितंबर की सुबह करीब 9:35 बजे चंद्रप्रकाश स्कूल पहुंचा था। इसके बाद वह निजी काम का बहाना बनाकर स्कूल से बाहर चला गया। पुलिस के अनुसार, घटना को अंजाम देने के बाद वह करीब 12:50 बजे वापस स्कूल पहुंचा।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने घटना के दौरान मोबाइल का लोकेशन बंद रखा था। स्कूल लौटने के बाद उसने अपने मोबाइल से VSK ऐप पर लॉगिन नहीं किया, बल्कि यह कहकर कि उसका मोबाइल घर पर रह गया है, साथी शिक्षक के मोबाइल से उपस्थिति दर्ज की। VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट ने पुलिस की जांच की दिशा स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
30 लाख की उधारी और ब्याज को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह और मृतक पिछले करीब चार वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे और रेत, रियल एस्टेट तथा बुलियन मार्केट में ट्रेडिंग/निवेश से जुड़े काम करते थे।पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मृतक को करीब 30 लाख रुपये उधार दिए थे। इसके बदले मृतक ने उसे छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक दिए थे। आरोपी के अनुसार, वह इस रकम पर हर महीने ब्याज लेता था, लेकिन पिछले तीन महीनों से ब्याज का भुगतान नहीं किया गया था। इसी दौरान दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद बढ़ गया था।
सुनसान इलाके में ले जाकर किया हमला
पुलिस के मुताबिक 17 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे दोनों की मुलाकात कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास हुई। ब्याज और रकम वापस करने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद दोनों बनचरौदा के सुनसान इलाके की ओर चले गए।पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपनी स्कूटी में पहले से रखे धारदार हथियार से मृतक के सिर के पीछे वार किया। इसके बाद हथौड़े से सिर और चेहरे पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी।
आरोपी के कब्जे से हथियार समेत कई सामान बरामद
आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा, मृतक द्वारा दिए गए तीन ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स, दोनों के मोबाइल फोन तथा घटना के समय आरोपी द्वारा पहने गए खून से सने जूते, मोजे और कपड़े जब्त किए हैं।पुलिस ने आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।


