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जल्द खाते में आएंगे महतारी वंदन योजना के पैसे, जाने कौन है पात्र…

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रि परिषद की बैठक में सरकार ने महतारी वंदन योजना को मंजूरी दे दी है। अब हर साल 12000 रुपये महिलाओं के खाते में ट्रांसफर होंगे। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 से बढ़ाकर 5500 प्रति मानक बोरा किया गया है। खास बात ये है कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इन योजनाओं को पेश किया था। बाद में इन वादों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद गारंटी दी थी। अब सरकार ने अपने चुनावी वादे निभाने के क्रम में दो और महत्वपूर्ण घोषणाओं को लेकर कैबिनेट में मंजूरी दी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रि परिषद की बैठक में सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। जिसके तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब संग्रहण पारिश्रमिक 4000 रूपए प्रतिमानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए प्रति मानक बोरा दिया जाएगा। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में ये दोनों वादे किए थे और इन्हें पूरा करने की गारंटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ली थी।



ये महिलाएं होंगी पात्र
इस योजना का लाभ छत्तीसगढ़ निवासी विवाहित महिला, जिनकी आयु 1 जनवरी 2024 को 21 वर्ष से अधिक हो, को मिलेगा। विवाहित महिला के अलावा विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाओं को भी योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र किया गया है।
विवाहित महिलाओं को हर माह 1 हजार
मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए राज्य में महतारी वंदन योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत विवाहित महिलाओं को एक हजार रूपए प्रतिमाह अर्थात् साल में 12 हजार रूपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। इस योजना से महिला सशक्तिकरण एवं आर्थिक स्वावलंबन को भी बढ़ावा मिलेगा।
संविदा भर्ती का नियम में बदलाव
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अगस्त 2023 में जारी अधिसूचना में किए गए संशोधन को निरस्त कर पूर्ववत् किए जाने का निर्णय लिया गया। अगस्त 2023 में उक्त नियम में यह संशोधन किया गया था कि विभागीय जांच उपरांत, शास्ति प्रभावशील होने अथवा अपराधिक प्रकरण में न्यायालय द्वारा दंडित होने पर संविदा नियुक्ति के लिए अपात्र होंगे। इस संशोधन से ऐसे सेवानिवृत्त शासकीय सेवक जिनके विरूद्ध विभागीय जांच या अभियोजन के प्रकरण विचाराधीन अथवा प्रचलित है उन्हें भी संविदा नियुक्ति की पात्रता बन रही थी। जिसे मंत्रिपरिषद ने उचित नही मानते हुए इसे निरस्त कर संविदा नियम 2012 के प्रावधान को यथावत करने का निर्णय लिया है।

तेंदुपत्ता संग्राहकों को सौगात
मंत्रिपरिषद ने तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा हेतु नवीन योजना संचालित किए जाने का निर्णय लिया है। इस नवीन योजना के संचालन के लिए शासन द्वारा 75 प्रतिशत एवं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा 25 प्रतिशत धनराशि वित्तीय अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी।

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