
फर्जी WhatsApp प्रोफाइल बनाकर कंपनियों के अकाउंटेंट को बनाया निशाना, 1.38 करोड़ रुपये बैंक खातों में होल्ड
रायपुर, 31 अक्टूबर 2026।
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने फर्जी व्हाट्सएप पहचान बनाकर दो कंपनियों से करीब 2 करोड़ 93 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महाराष्ट्र के उल्हासनगर से तीन और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से दो आरोपियों सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।दो कंपनियों को लगाया करोड़ों का चूनापुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कंपनियों के अधिकृत अधिकारियों के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाई।
इसके बाद कंपनी के अकाउंटेंट को संदेश भेजकर बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए।पहले मामले में टिकरापारा थाना क्षेत्र की राठी ब्रदर्स कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से 93 लाख रुपये और दूसरे मामले में तेलीबांधा स्थित ट्रांसफॉर्मर एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड कंपनी से 2 करोड़ रुपये की ठगी की गई।महाराष्ट्र और प्रयागराज से गिरफ्तारीदोनों मामलों की जांच में मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप प्रोफाइल, बैंक खातों और सीसीटीवी फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया गया।
इसके आधार पर पुलिस टीम ने महाराष्ट्र के उल्हासनगर से आकाश चुथ, साहिल नथानी और राज जुमानी को गिरफ्तार किया। वहीं प्रयागराज से विनय श्रीवास्तव और विनोद कुमार को पकड़ा गया।1.38 करोड़ रुपये कराए गए होल्डपुलिस ने बैंक अधिकारियों के सहयोग से टिकरापारा मामले में 24 लाख और तेलीबांधा मामले में 1 करोड़ 14 लाख रुपये होल्ड कराए हैं। इस तरह कुल 1 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि सुरक्षित कराई गई है।
कार्रवाई के दौरान टिकरापारा मामले में 25 हजार रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड और 3 पासबुक जब्त की गईं। तेलीबांधा मामले में 2 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।पुलिस के अनुसार, टिकरापारा मामले में गिरफ्तार आरोपियों की तेलीबांधा की 2 करोड़ रुपये की ठगी में भी संलिप्तता सामने आई है। साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और आगे की जांच जारी है।



