युवा केंद्र मदनपुर बना बदलाव की मिसाल, एक ही परिवार की तीन बेटियों का शासकीय सेवाओं में चयन
रायगढ़। जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा संचालित युवा केंद्र मदनपुर ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिले, तो ग्रामीण अंचल की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। इसका सशक्त उदाहरण विकासखंड खरसिया के ग्राम भेजलवाडीह की तीन बहनें—ऐश्वर्या चंद्रा (छत्तीसगढ़ पुलिस–CGP), ऋतु चंद्रा (केंद्रीय सीमा सुरक्षा बल–BSF) एवं कविता चंद्रा (केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स–CRPF) हैं, जिनका शासकीय सेवाओं में चयन होकर पूरे जिले में हर्ष और गौरव का वातावरण बना हुआ है।

जिला कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायगढ़ अभिजीत बबन पठारे के निर्देशन में संचालित युवा केंद्र मदनपुर में तीनों बेटियां नियमित रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती थीं। केंद्र में उपलब्ध निःशुल्क कोचिंग कक्षाएं, अनुशासित अध्ययन वातावरण तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों से युक्त समृद्ध पुस्तकालय ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उल्लेखनीय है कि तीनों बेटियां एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती हैं, जहाँ महंगी कोचिंग संस्थाओं में अध्ययन करना या बड़े शहरों में रहकर तैयारी करना संभव नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने परिस्थितियों को कभी अपने लक्ष्य के आड़े नहीं आने दिया और शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ उठाते हुए कठिन परिश्रम व दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. वी. राव ने तीनों बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं होतीं। जब कुछ कर गुजरने का लक्ष्य हो, तो महंगे संसाधनों की नहीं बल्कि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। इन बेटियों ने यह बात सिद्ध कर दिखाई है। शिक्षा विभाग की ओर से उन्होंने तीनों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
जिला मिशन समन्वयक (DMC) आलोक स्वर्णकार ने बेटियों की सफलता को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और अटूट संकल्प का परिणाम है। छोटे से गांव में रहकर सीमित संसाधनों के बावजूद, बिना महंगी कोचिंग पर निर्भर हुए, उन्होंने युवा केंद्र की सुविधाओं और शासन की योजनाओं का समुचित लाभ लिया। यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत और मील का पत्थर है। उन्होंने जिले के सभी युवक-युवतियों से युवा केंद्रों में नियमित अध्ययन कर लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
युवा केंद्र मदनपुर के प्रभारी प्रदीप साहू (बीआरसी, खरसिया) ने भी चयनित बेटियों से भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। वहीं तीनों बेटियों ने अपनी सफलता का श्रेय शासन द्वारा संचालित युवा केंद्र मदनपुर की कोचिंग व्यवस्था, पुस्तकालय सुविधा एवं निरंतर मार्गदर्शन को दिया।
तीन बहनों की यह ऐतिहासिक सफलता न केवल सामाजिक बदलाव की कहानी है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि जब सपने बड़े हों, तो सीमित साधन भी सफलता का रास्ता बना लेते हैं।
