कोलकाता के तर्ज पर नवरात्रि में ब्लॉक कॉलोनी घरघोड़ा की महिला मंडली ने सिंदूर खेला मां दुर्गा की किया सिंगार

घरघोड़ा(गौरी शंकर गुप्प्ता)। सिंदूर खेला नामक एक परंपरा के तहत मां दुर्गा को सिंदूर लगाया जाता है। यह अनुष्ठान विवाहित महिलाएं करती हैं, वे पान के पत्ते से मां दुर्गा के माथे और मांग पर सिंदूर लगाती हैं, जो उनके सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र की कामना का प्रतीक है। सिंदूर चढ़ाने के बाद, महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशी मनाती हैं और मां दुर्गा को मिठाई खिलाकर विदाई देती हैं।
सिंदूर खेला के दौरान क्या होता है:
(1) मां को सिंदूर लगाना: सबसे पहले, विवाहित महिलाएं पान के पत्ते का उपयोग करके मां दुर्गा के माथे और मांग में सिंदूर लगाती हैं।
(2) मिठाई खिलाना: मां को मिठाई खिलाई जाती है, जिससे यह व्यक्त होता है कि वह अपने परिवार में जा रही हैं और उनका स्वागत हो रहा है।
(3) सिंदूर लगाना: इसके बाद, महिलाएं आपस में एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर शुभकामनाएं देती हैं, यह एक-दूसरे के लिए सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना का प्रतीक है।
नजर उतारना: महिलाएं मां दुर्गा की नजर उतारती हैं, जो उन्हें मायके से ससुराल जाने की विदाई का हिस्सा है।
(4)यह रस्म सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करने और प्रेम तथा आशीर्वाद साझा करने का एक तरीका है, और यह दुर्गा पूजा के उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

